23. डॉ. अम्बेडकर का श्री एटली को पत्र - Page 129

114 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

होगी। यह खतरा है कि अनुसूचित जातियों को हिन्दुओं के सामाजिक ग्रुप के रूप में माना जाएगा और उन्हें अल्पसंख्यक वर्ग नहीं समझा जाएगा। यह स्थिति निश्चय ही बनेगी क्योंकि श्री गांधी ने भी ऐसा ही कहा है। श्री गांधी स्पष्ट रूप से यह सोचते है कि वे अनुसूचित जातियों के साथ वहीं सब कुछ कर सकते हैं क्योंकि यह तथ्य है कि ब्रिटिश सरकार ने अनुसूचित जातियों को अपना समर्थन देने से इनकार कर दिया है।

  1. इन प्रिस्थितियों में मैं आपसे कहूंगा कि आप इस मामले के बारे में विचार करें और यह साबित करें कि अनुसूचित जातियां एक महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग हैं ताकि वे नए संविधान में अपनी भावी स्थिति के खतरे से बच सकें।

  2. मैं यह पढ़कर दुःखी हूं कि आप अनुसूचित जातियों के लिए कोई आशा नहीं दिलाते कि उन्हें अंतरिम सरकार में दो सीटें मिल जाएंगी। मैं इस नकारात्मक स्थिति के लिए कोई औचित्य नहीं देखता। उनकी संख्या तथा 1945 में गत शिमला सम्मेलन के समय दिए गए आश्वासन दोनों ही आधार पर वे अच्छे व्यवहार के अधिकारी है जैसा कि सिखों और अन्य छोटे अल्पसंख्यकों को दिया जा रहा है। मेरा विचार है कि मैंने जो दावा किया है, वह न्यायसंगत है।

सद्भावना सहित,

भवदीय,

बी.आर. अम्बेडकर