14 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(1) इसमें यह घोषणा की गयी है कि लोक सेवाओं में भर्ती के उद्देश्य
से किन संप्रदायों के अल्पसंख्यक संप्रदाय माना जाए_
(2) इसमें वार्षिक रिक्त स्थानों के एक निर्धारित अनुपात की परिभाषा
की गई है जो उन समुदायों को आवंटित किए जाने चाहिए जिन्हें
अल्पसंख्यक घोषित किया गया है।
- 1934 के संकल्प में विभिन्न समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के लिए उपबंध दिए गए हैं। संकल्प में सर्वप्रथम निम्नलिखित समुदायों को अल्पसंख्यक माना गया है-
(1) मुसलमान, (2) एंग्लो-इंडियन, (3) भारतीय ईसाई, (4) सिख, (5)
पारसी।
दूसरे, इस संकल्प में निम्नलिखित रिक्त स्थानों के अनुपात को निर्धारित किया गया है जिसे सदस्यों द्वारा भरा जाना हैः
4 जुलाई, 1934 के संकल्प द्वारा रिक्त स्थानों के भरे जाने का अनुपात अल्पसंख्यक सेवाएं
आई.सी.एस. और रेलवे और डाक और मूल्यांकन विभाग
अखिल भारतीय सीमा शुल्क तार एवं
आधार पर भर्ती की निरोधक सेवाएं
और अधीनस्थ सेवाऐ
मुसलमान 25» 25» 25» इस संकल्प के कार्यान्वयन से एंग्लो-इंडियन --- 8» 5» यह सेवा छोड़ दी गयी है ताकि भारतीय ईसाई ऽ8 ख्1/2, » 6» 3 ख्1/2, » स्पष्ट रूप से एंग्लो इंडियनों सिख --- --- --- की भर्ती के लिए आरक्षण किया
पारसी --- --- --- जाए जिसका केवल आधार यह
है कि इस सेवा के लिए विशेष
योग्यताओं की आवश्यकता होती
है
ऽनोटः ऊपर बताए गए संकल्प के पैरा 7 ( iii ) में यह कहा गया है- यदि समुदायों को उनके आरक्षित प्रतिशत से कम स्थान प्राप्त होते हैं और यथोचित रूप से योग्यता प्राप्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते तो शेष स्थानों के 8 ख्1/2, » स्थान मुसलमानों के लिए उपलब्ध होंगे।