राजनीतिक शिकायतें
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तालिका 5
आई.सी.एस. के अनुपात की तुलना में जनसंख्या का अनुपात
समुदाय यूरोपीय लोगों जनसंख्या का अधिक्य ($)
को छोड़कर अनुपात कमी (-)
आई.सी.एस. का सेवा अनुपात जिसकी
वास्तविक अनुपात तुलना जनसंख्या के
अनुपात से की गई
हिन्दू 63.2 50.0 $13.2
मुसलमान 19.2 23.6 -4.4
भारतीय ईसाई 4.0 1.0 $3.0
एंग्लो-इंडियन 1.5 .03 $1.47
पारसी 1.5 0.3 $1.47
सिख 2.0 1.3 $0.7
अनुसूचित जातियां -- 13.5 -13.5
अन्य 8.0 -- --
इन तालिकाओं से निम्नलिखित अकाट्य निष्कर्ष निकलते हैं-
(1) सभी समुदायों ने आई.सी.एस. में प्रतिनिधित्व का सानुपातिक भाग
प्राप्त करने की दिशा में समुचित प्रगति की है। केवल यही अपवाद है कि
भाग्यहीन अनुसूचित जातियों के समुदाय ने कोई प्रगति नहीं की है।
(2) कुछ समुदायों ने आई.सी.एस. में अपनी जनसंख्या के अनुपात
से कहीं अधिक प्रतिनिधित्व प्राप्त किया है। यह बात हिन्दुओं के मामले
में अधिक दर्शनीय है। यूरोपीय लोगों का प्रतिशत भाग 50 है। इसे छोड़कर
यदि इसकी तुलना भारतीयों की स्थिति से की जाय तो हिंदुओं को
आई.सी.एस. नियुक्तियों में 63» पद प्राप्त हुए हैं जबकि उनकी जनसंख्या कुल
जनसंख्या का 50» है। हिन्दू 13» अधिक पदों का लाभ उठा रहे हैं।
(3) प्रतियोगिता की असमानता को ठीक करने के लिए ही नामांकन
पद्धति अपनाई गई है। फिर भी कुछ समुदायों को नामांकन का लाभ दिया
गया है यद्यपि प्रतियोगिता द्वारा दी गई आई.सी.एस. की नियुक्तियों में
अधिकांश पद इन्हीं समुदायों को गए हैं। निस्संदेह यह स्थिति हिंदुओं के
मामले में सही है। 1920-1942 के मध्य हिंदुओं ने 435 पदों में से 332
पद भारतीयों की प्रतियोगिता के माध्यम से प्राप्त किए। फिर भी उन्हें 31