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ऽक्रिप्स प्रस्ताव
द राइट ऑनरेबल (माननीय) सर स्टैफोर्ड क्रिप्स द्वारा प्रस्तुत
संवैधानिक प्रस्तावों का मूलपाठ
महामहिम की सरकार ने इस देश और भारत में अभिव्यक्त चिंताओं पर विचार किया है जिनका संबंध उन वचनों के पालन करने से है जो भारत के भविष्य के बारे में किए गए है। महामहिम की सरकार ने यह निर्णय किया है कि उन कदमों को सूक्ष्म और स्पष्ट शब्दों में अभिव्यक्त किया जाए जिनके माध्यम से भारत में स्वशासन की यथासंभव शीघ्रता से परिणति की जाए। इसका उद्देश्य यह है कि एक ऐसी नवीन भारतीय संघ का सृजन किया जाए जिसका गठन एक डोमिनियन के रूप में होगा और यह डोमिनियन इंग्लैंड तथा अन्य डोमिनियनों से सम्राट के प्रति आम निष्ठा के साथ सम्बद्ध होगा। परंतु यह प्रत्येक क्षेत्र में उनके बराबर होगा तथा किसी भी प्रकार से घरेलू और विदेशी मामलों में उसके अधीन नहीं होगा।
अतः महामहिम की सरकार निम्नलिखित घोषणा करती हैः-
(क) युद्ध के समाप्त होने के तुरंत बाद भारत के लिए नवीन संविधान की संरचना
का कार्यभार संभालने के लिए एक निर्वाचित निकाय का इसमें वर्णित विधि
के अनुसार भारत में गठित किया जाएगा।
(ख) संविधान बनाने वाली निकाय में भारतीय रियासतों की सहभागिता के निमित्त
व्यवस्था की जाएगी जैसा कि आगे दिया गया है।
(ग) महामहिम की सरकार इस प्रकार से निर्मित संविधान की शीघ्र ही स्वीकार
करने और कार्यान्वित करने का वचन देती है, केवल इन शर्तों के साथ
किः-
ऽ रिपोर्ट ऑफ डिप्रैस्ड क्लासेज कॉन्फ्रेंसेज, नागपुर सत्र जो 18, 19 और 20 जुलाई, 1942 को आयोजित
किया गया पृ. 98-99