13. डॉ. अम्बेडकर का फील्ड मार्शल वाइकाउंट वेवल को पत्र - Page 93

78 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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ऽडॉक्टर अम्बेडकर का फील्ड मार्शल वाइकाडंट

वेवल को पत्र

वेवल के पत्र, राजनीतिक श्रृंखला, अप्रैल 1944-जुलाई 1945, भाग 1,

पृष्ठ 207-9

नई दिल्ली 7 जून, 1945

प्रिय लार्ड वेवल,

मैं आपका कृतज्ञ हूं कि आपने मुझसे अनुसूचित जातियों के नेता होने के नाते इस सम्मेलन का सदस्य बनने के लिए कहा है ताकि आप कार्यकारी परिषद् के भारतीयकरण के अपने प्रस्ताव को आगे बढ़ा सकें। मैंने इस बारे में कारण बताए हैं, जिन्हें मैं यहां दुहराना नहीं चाहता, कि मैं आपके प्रस्ताव को स्वीकार करने में असमर्थ हूं। तत्पश्चात, आपने मुझसे चाहा कि मैं कोई स्थानापन्न व्यक्ति का सुझाव प्रस्तुत करूं। यद्यपि मैंने आपके प्रस्तावों के बारे में अपनी असहमति प्रकट कर दी है, मैं आपकी ऐसी सहायता करने से इनकार नहीं करता जो आपको अपने सम्मेलन में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि की उपस्थिति से मिल सकती है। अतः मैं एक स्थानापन्न व्यक्ति का सुझाव देने के लिए तैयार हूं। मेरी समझ में जो विभिन्न व्यक्ति आते हैं, उनकी उपयोगिता को देखते हुए मैं राय बहादुर एन. शिवराज, बी.ए., बी. एल. के सिवाय और किसी का नाम नहीं सोच सकता। वे अखिल भारतीय अनुसूचित जातियों के संघ के अध्यक्ष हैं तथा केन्द्रीय विधान सभा और राष्ट्रीय रक्षा परिषद् के सदस्य हैं। यदि आप चाहें तो आप उन्हें अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित कर सकते हैं।

  1. एक अन्य मामला भी है जिसके बारे में मैं यह महसूस करता हूं कि तत्काल आपका ध्यान आकर्षित करूं। इसका संबंध इस मुद्दे से है कि कार्यकारी परिषद् के पुनर्निर्माण के लिए महामहिम सरकार के प्रस्तावों में अनुसूचित जातियों को प्रतिनिधित्व

ऽ ट्रान्सफर ऑफ पॉवर, भाग 5, संख्या 483, पृष्ठ 1094-97