2. संघ बनाम स्वतंत्रता - Page 129

112 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

एक शर्त है। अतः आप पूछेंगे कि राज्यों का प्रवेश क्यों आवश्यक है?

सभी संघ इकाइयों की सुरक्षा और अखंडता को प्रभावित करने वाले बाह्य खतरों के कारण अस्तित्व में आए हैं। उत्तरी अमरीका के राज्य एक संघ में इसलिए परिवर्तित हो गए, क्योंकि उन्हें ब्रिटिश साम्राज्यवाद द्वारा राज्यों पर अधिकार करने का भय था। कनाडा के प्रांत एक संघ में बदल गए, क्योंकि उन्हें संयुक्त राज्य द्वारा आक्रमण या विलय किए जाने का खतरा था। आस्ट्रेलिया के उपनिवेश एक संघ में इसलिए परिवर्तित हुए, क्योंकि उन्हें जापान द्वारा आक्रमण का भय था। यह स्पष्ट है कि भारतीय संघ ऐसी परिस्थितियों का परिणाम नहीं है। भारत की सीमा पर कोई भी नया आक्रमणकारी नहीं है, जो ब्रिटिश भारत और देशी राज्यों पर झपटने की प्रतीक्षा कर रहा हो। यह संघ इसलिए भी नहीं है कि ब्रिटिश भारत और देशी राज्यों के बीच शांति स्थापित करना आवश्यक है। इस बात में कई तथ्य नहीं है कि ब्रिटिश भारत सम्राट की प्रभुसत्ता के अधीन है और देशी राज्य सम्राट के अधिराजस्व के अधीन है। जहां तक विदेशी संबंधों की बात है, उनमें शांति और युद्ध भी शामिल है, दोनों एक और समान प्राधिकारी, अर्थात् सम्राट के अधीन है। यही कारण है कि दोनों में शांति बनी हुई है। यही कारण है कि ये दोनों युद्ध नहीं करेंगे और युद्ध नहीं कर सकते हैं। इस अखिल भारतीय संघ का उद्देश्य बाह्य आक्रमण से सुरक्षा अथवा आंतरिक शांति बनाए रखना नहीं हो सकता। फिर, इस संघ का क्या उद्देश्य है? राज्यों को संघ में प्रवेश करने के लिए क्यों आमंत्रित किया गया? उनके प्रवेश के लिए केन्द्र को उत्तरदायी बनाने की पूर्व शर्त क्यों लगाई गई? यदि स्पष्ट रूप से कहा जाए तो उद्देश्य यह है कि राज्यों को साम्राज्यिक हितों को समर्थन देने के लिए सामने लाया जाए और ब्रिटिश भारत में लोकतंत्र के उठते ज्वार को नष्ट कर दिया जाए। इसके सिवाय मैं अन्य कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सकता। राजाओं को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए संघ में लाने की आवश्यकता है, यह बात विवादहीन है। भारत मंत्री ने संसद में भारत सरकार के बिल पर बहस के दौरान यह स्वीकार किया कि ‘हम सभी को स्थिरता और साम्राज्य की भावना का प्रतिनिधित्व करने वाले राजाओं का भारत की केन्द्रीय सरकार में एक महान शक्ति के रूप में प्रवेश का स्वागत करना चाहिए। ‘ब्रिटिश भारत में लोकतंत्र के दमन का भले ही कोई उद्देश्य न हो, फिर भी मेरा विश्वास है कि संघ में राजाओं का प्रवेश इसका परिणाम होगा।

संघ में राजाओं के प्रवेश के लिए क्या कीमत चुकाई गई है? जो कुछ मैंने कहा है उसे मैं दोहराना नहीं चाहता। यदि आप यह स्मरण करेंगे कि मैंने भेदभाव के संबंध में क्या कहा है, जो प्रतिनिधित्व, कर निर्धारण, प्रशासन, विधायिका, आदि के संबंध में राजाओं के पक्ष में किए गए हैं, तो आप यह जानेंगे कि ब्रिटिश भारत द्वारा क्या लाभ प्रदत्त किए गए हैं, क्या अधिकार सौंपे गए हैं, क्या छूट प्रदान की गई है, ताकि राजाओं को प्रेरित किया जा सके कि वे संघ में सम्मिलित हो जाएं और इसके बदले में ब्रिटिश भारत को क्या मिला है?

यदि संघीय संविधान ने पूरी तरह उत्तरदायी सरकार की व्यवस्था की होती तो ब्रिटिश