4. राज्य और अल्पसंख्यक - Page 179

162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

नागरिकों के विशेषाधिकारों या उन्मुक्तियों को कम करती हो; न ही कोई राज्य विधि की सम्यक् प्रक्रिया के बिना किसी व्यक्ति को जीवन, स्वाधीनता और संपत्ति से वंचित करेगा; और न ही अपने क्षेत्राधिकार के भीतर किसी व्यक्ति को विधियों के समान संरक्षण से वंचित करेगा।

  1. सभी नागरिक विधि के अंतर्गत समान हैं और उनके समान नागरिक अधिकार हैं। कोई भीवर्तमान विनियम, आदेश, प्रथा या विधि - निर्वचन जिसके द्वारा किसी नागरिक पर कोई जुर्माना, नुकसान या निर्योग्यता अधिरोपित की जाती है अथवा उसके साथ भेदभाव बरता जाता है, उस दिन से जिस दिन संविधान लागू हो जाएगा, प्रभावी नहीं रहेगा।

  2. जो कोई भी किसी व्यक्ति को, सभी वर्गों के व्यक्तियों को तथा उनकी सामाजिक परिस्थिति का ध्यान रखे बिना लागू विधि द्वारा विहित कारणों के सिवाय, निवास - सुविधाओं, फायदों, सुविधाओं, सरायों, शिक्षा - संस्थाओं, सड़कों, पथों, गलियों, कुओं, तालाबों और जलस्थलों, भूमि, वायु या जल में रहने वाले सार्वजनिक वाहनों, थियेटरों अथवा लोक - मनोरंजन, अभिगमन या सुविधा के अन्य स्थानों चाहे वे जनता के उपयोग के लिए समर्पित हों अथवा अनुरक्षित हों या लाइसेंसशुदा हों - वंचित करेगा, वह दोषी होगा।

  3. सभी नागरिकों को जनता द्वारा, या जनता के लिए अनुरक्षित सभी संस्थाओं, सुविधा - स्थलों और सुख - सुविधा स्थलों पर जाने का समान हक होगा।

  4. कोई नागरिक अपने धर्म, जाति, पंथ लिंग या सामाजिक स्थिति के कारण कोई सार्वजनिक पद धारण करने अथवा कोई व्यापार या आजीविका चलाने से अनर्हित नहीं होगा।

  5. (i) प्रत्येक नागरिक को भारत के किसी भी भाग में निवास करने का अधिकार है।

लोक - व्यवस्था और नैतिकता की विचारणा के सिवाय ऐसी कोई विधि नहीं

बनाई जाएगी जो नागरिकों के निवास करने के अधिकार को कम करती

हो।

(ii) प्रत्येक नागरिक को भारत के किसी भी भाग में बसने का अधिकार है, बशर्तें

कि वह अपने मूल राज्य का नागरिकता प्रमाणपत्र पेश करे। बसने की

अनुज्ञा इस खंड के उपखंड (iv) के विनिर्दिष्ट आधारों के सिवाय मना नहीं

की जाएगी अथवा वापस नहीं ली जाएगी।

(iii) राज्य जिसमें कोई नागरिक बसना चाहता है, इस प्रकार से बसने के संबंध

में स्वयं के निवासियों पर अधिरोपित प्रभार से भिन्न विशेष प्रभार उस व्यक्ति

पर अधिरोपित नहीं कर सकता। बसने का अनुज्ञा की बाबत लिया जाने

वाला अधिकतम शुल्क संघ विधान-मंडल द्वारा निर्मित विधियों द्वारा निर्धारित

किया जाएगा।

(iv) राज्य उन व्यक्तियों को बसने की अनुज्ञा देने से इंकार कर सकता है या

उनसे अनुज्ञा वापस ले सकता है :