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राज्य और अल्पसंख्यक

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  1. जैसा कि नीचे परिभाषित किया गया है, सामाजिक बहिष्कार, सामाजिक बहिष्कार सामाजिक बहिष्कार से संरक्षण (स्पष्टीकरण के लिए देखिए, पृष्ठ 201 - 204) को बढ़ावा देना या उकसाना या सामाजिक बहिष्कार की धमकी देना अपराध घोषित किया जाएगा :का बहिष्कार करना समझा जाएगा जो- (i) बहिष्कार की परिभाषा - किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे

(क) किसी मकान या भूमि को किराए पर देने, उसका

उपयोग या अधिभोग करने अथवा किसी दूसरे व्यक्ति के साथ व्यवहार करने,

भाड़े पर काम करने अथवा कारोबार करने अथवा उसे सेवा प्रदान करने या

उससे सेवा लेने से इंकार करता है, अथवा उन शर्तों पर जिन पर ऐसी बातें

कारोबार की सामान्य प्रक्रिया में आमतौर पर की जाती हैं; ऐसी बातों में से किसी

को करने से इंकार करता है, अथवा

(ख) ऐसे सामाजिक, वृत्तिक या व्यावसायिक संबंधों से अलग रहता है, जिन्हें वह

समाज में ऐसी वर्तमान प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए जो संविधान में घोषित

किसी मूल अधिकार से या नागरिकों के अन्य अधिकारों से असंगत नहीं है,

ऐसे व्यक्ति का साधारणतया समर्थन करता है, अथवा

(ग) किसी भी प्रकार ऐसे अन्य व्यक्ति को उसके विधिपूर्ण अधिकारों का पालन

करने में क्षति पहुंचाता है, तंग करता है या छेड़खानी करता है।

(ii) बहिष्कार करने का अपराध-जो किसी व्यक्ति द्वारा कोई कृत्य किए जाने के

फलस्वरूप, जिसे करने के लिए वह विधितः हकदार था, अथवा उसके द्वारा

किसी कृत्य का लोप किए जाने के फलस्वरूप जिसका लोप करने के लिए

वह विधितः हकदार था, अथवा किसी व्यक्ति से कोई कृत्य करवाने के आशय

से जिसे करने के लिए वह विधितः आबद्ध नहीं है या कोई कृत्य करने का

लोप करवाने के आशय से जिसे करने के लिए वह विधितः हकदार है, अथवा

ऐसे व्यक्ति को तन, मन, प्रतिष्ठा या संपत्ति की अथवा उसके कारोबार में

या आजीविका के साधनों की हानि पहुंचाने के आशय से ऐसे व्यक्ति का,

या किसी अन्य व्यक्ति का जिसमें ऐसा व्यक्ति हितबद्ध है, बहिष्कार करता

है तो वह बहिष्कार करने के अपराध का दोषी होगा।

परंतु इस भाग के अधीन कोई अपराध किया गया नहीं समझा जाएगा, यदि

न्यायालय संतुष्ट हो जाता है कि अभियुक्त ने किसी अन्य व्यक्ति के उकसाने

पर या उसके साथ मिलकर किसी षड्यंत्र या किसी करार या दोनों के

अनुसार बहिष्कार नहीं किया है।

(iii) बहिष्कार को उकसाने या बढ़ावा देने का अपराध -जो कोई-

(क) सार्वजनिक रूप से इसके लिए कोई प्रस्ताव तैयार करता है या

प्रकाशित या प्रचारित करता है, अथवा