4. राज्य और अल्पसंख्यक - Page 187

170 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ख) ऐसा कथन, अफवाह या रिपोर्ट इरादतन देता है या प्रकाशित या

प्रचारित करता है अथवा जिसके संबंध में उसके पास यह विश्वास

करने का कारण है कि उससे ऐसा होने की संभावना है, अथवा

(ग) किसी अन्य तरीके से किसी व्यक्ति या व्यक्तिवर्ग का बहिष्कार करने

के लिए उकसाता है या उसे बढ़ावा देता है, वह बहिष्कार को उकसाने

या उसे बढ़ावा देने के अपराध का दोषी होगा।

स्पष्टीकरण-इस खंड के अधीन अपराध किया हुआ समझा जाएगा, यद्यपि इसमें निर्दिष्ट प्रकार की किसी कार्रवाई से प्रभावित या प्रभावित होने के लिए संभाव्य व्यक्ति का नाम से अथवा वर्ग से उल्लेख किया जाता है, बल्कि किसी खास तरीके से उसके कार्य करने से या कार्य करने से प्रवरित रहने से किया जाता है।

(iv) बहिष्कार की धमकी देने का अपराध-जो कोई किसी व्यक्ति द्वारा कोई

कृत्य किए जाने के फलस्वरूप, जिसे करने के लिए वह विधितः हकदार था,

अथवा उसके द्वारा किसी कृत्य का लोप किए जाने के फलस्वरूप, जिसका

लोप करने के लिए वह विधितः हकदार था, अथवा किसी व्यक्ति से कोई

कृत्य करवाने के आशय से जिसे करने के लिए वह विधितः आबद्ध नहीं है,

अथवा किसी कृत्य को करने का लोप करवाने के आशय से जिसे करने के

लिए वह विधितः हकदार है, ऐसे व्यक्ति या किसी व्यक्ति का जिसमें ऐसा

व्यक्ति हितबद्ध है, बहिष्कार करवाने की धमकी देता है, वह बहिष्कार की

धमकी देने के अपराध का दोषी होगा।

अपवाद - परंतु -

(i) वास्तविक श्रमिक विवाद को आगे बढ़ाने के लिए कोई कृत्य करना,

(ii) व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा की सामान्य प्रक्रिया में कोई कृत्य करना

बहिष्कार नहीं है।

  1. ये सब अपराध संज्ञेय अपराध समझे जाएंगे। संघ विधान-मंडल इन अपराधों के लिए दंड विहित करने वाली विधियां बनाएगा।

खंड 4

अल्पसंख्यकों के हितबद्ध प्रयोजनों सहित भारत सरकार से संबंधित किसी भी प्रयोजन हेतु धन खर्च करने के लिए सरकारों की शक्ति (स्पष्टीकरण के लिए देखिए, पृष्ठ 204)

किसी भी प्रयोजन के लिए अनुदान देने की केन्द्रीय और प्रांतीय सरकारों की शक्ति कम नहीं की जाएगी। अथवा छीनी नहीं जाएगी, चाहे वह प्रयोजन ऐसा न हो जिसके लिए संघ या राज्य विधान-मंडल जो भी हो विधियां बना सकता है।