232 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
में बांट देता है, क्योंकि पिता परिवार के सभी प्रिय बच्चों को निर्वाह और उपभोग
की एक जैसी सुविधाएं देना चाहता है (अतः इस तरह जोतें छोटी होती जाती
हैं)। परंतु जब भूमि को केवल निर्वाहक के अतिरिक्त सत्ता और संरक्षण का भी
साधन माना जाता है, तब यह बेहतर समझा जाता है कि भूमि अविभाजित रूप में
केवल एक के ही पास जाए। उन अव्यवस्था भरे दिनों में भूमि के उप - विभाजन
का मतलब उसे विनष्ट करने के समान था, जिसके हर भाग को पड़ोसी हड़प
जाते हैं। इसलिए भू - संपत्तियों के उत्तराधिकार के बारे में ज्येष्ठ पुत्र के अधिकार
का कानून बना (अतः इस तरह बड़ी जोतें हो जाती हैं)। ख्1,
इसीलिए इंग्लैंड बड़ी जोतों वाला देश है। क्रांति के बाद वाला फ्रांस छोटी जोतों वाला देश है। यहीं स्थिति हालैंड और डेनमार्क में है। जहां तक भारत की स्थिति है, 1896 - 97 और 1900 - 01 में जोतों का आकार इस प्रकार था :
| t | ksr |
|---|
| d | k |
|---|
| v | kd | k | j |
|---|
| ¼ | ,d | M |
|---|
वर्ष आसाम बंबई मध्य प्रांत मद्रास 1896 - 97 3.37 24.07 17 7 1900 - 01 3.02 23.9 48 7
हाल के वर्षों का अधिक सही, यद्यपि अधिक सीमित क्षेत्र की जानकारी बड़ौदा राज्य के बारे में उपलब्ध है। राज्य में जोतों के आकार के आंकड़े बीघों में संक्षिप्तत : नीचे दी गई सारणी में दिए गए हैं ख्3, :
जिले का नाम कुल कृषि सर्वे नं. खातेदारों खातेदार प्रत्येक
भूमि जिससे वह की संख्या के अंतर्गत सर्वे नं.
विभाजित औसत के अंतर्गत
की गई औसत क्षेत्र बड़ौदा 17,17,319 4,30,601 107,369 15 - 19 - 2 4 कडी 25,13,982 5,89,687 141,145 17 - 16 - 5 4¼ नवसारी 10,46,176 2,16,748 52,652 19 - 17 - 8 4 अमरेली 9,72,040 55,635 17,214 36 - 9 - 7 3¼ योग 82,49,517 12,92,671 318,649 17 - 10 - 10 3 7è8
(8 बीघे = 5 एकड़)
वेल्थ ऑफ नेशन्स, बुक 3, अध्याय 11
बड़ौदा राज्य में छोटी और बिखरी हुई जोतों की चकबंदी के लिए नियुक्त बड़ौदा कमेटी की रिपोर्ट, 1917
वही, पृष्ठ 3