1. मताधिकार के बारे में साउथबरो कमेटी के समक्ष दिया गया साक्ष्य - Page 52

साउथबरो कमेटी के समक्ष दिया गया साक्ष्य

जनसंख्या प्रतिनिधि - संख्या

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जनसंख्या

(1) बंबई नगर 179,246 2 (2) उत्तरी डिवीजन 342,696 2 (3) मध्यवर्ती डिवीजन 367,509 3 (4) दक्षिणी डिवीजन 457,997 3

कुल 10

35

10

कुल

मुसलमानों के मामले में भी मैं डिवीजनवार समूहों की अपेक्षा भाषाई समूहों को बेहतर मानूंगा। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि थाणे के किसी मुसलमान का संबंध सूरत के मुसलमान से हो सकता है, भले ही दोनों जिले एक ही डिवीजन के अंतर्गत हों। जाति की दृष्टि से जो लोग अलग - अलग हों, उनका समूह बनाने की कोई तुक नहीं होगी।

श्री भीमराम अम्बेडकर को बुलाकर लिया गया बयान

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सर फ्रैंक स्लाई : वह सीडेन्हम कालिज आफ कॉमर्स में प्रोफेसर थे। उन्होंने एल्फिस्टन कालिज, बंबई से बी.ए. की डिग्री ली। कोलम्बिया यूनिवर्सिटी, न्यूयार्क से उन्होंने एम.ए. किया। वह महार जाति के हैं और उनका बयान प्रायः दलित वर्गों से संबंध रखता है।

जहां तक हिन्दू समुदाय का संबंध है, श्री अम्बेडकर ने उन्हें स्पृश्य और अस्पृश्य के दो वर्गों में विभाजित किया। वह विभेद व्यवहार की दृष्टि से अकाट्य है और जातीय आधार के विभाजन से अधिक सुविधाजनक है। उन्होंने ब्राह्मण तथा ब्राह्मणेत्तर के अंतर को भी माना है, लेकिन यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है। जहां तक उम्मीदवार के प्रति मतदाता के रवैये का संबंध है, ब्राह्मण तथा ब्राह्मणेत्तर के बीच अंतर से अधिक फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन स्पृश्यों और अस्पृश्यों के बीच विभाजन का इस पर काफी बड़ा फर्क पड़ेगा।

उनका विचार है कि ब्राह्मणेत्तरों के लिए संप्रदाय आधारित निर्वाचन - क्षेत्रों की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यदि उनके अनुपूरक बयान के अनुसार तीन सदस्यों वाले निर्वाचन - क्षेत्रों की स्वीकृति दी गई तो ब्राह्मणेत्तरों को कुछ सीटें मिल जाएंगी। अपने लिखित बयान के पैरा 16 में दिए गए आंकड़ों से वह दिखाना चाहते हैं कि एक समान संपत्त - अर्हता के आधार पर जो समुदाय जनसंख्या के हिसाब से अल्पसंख्या में हो सकता है, वह मतदाता संख्या के हिसाब से बहुसंख्या में हो सकता है। जिन कतिपय समुदायों का उल्लेख उन्होंने किया है, वे समूचे प्रांत में अल्पसंख्या में हो सकते है।

खास - खास जिलों में वे बहुसंख्या में हैं। उन्हें यथासंभव संप्रदाय आधारित प्रतिनिधित्व संबंधी गुहार, पुकार एवं आतुरता को कम करने का प्रयास करना चाहिए। अतः उन्होंने तीन सदस्यों वाले निर्वाचन - क्षेत्रों की सिफारिश की है।