2. संघ बनाम स्वतंत्रता - Page 62

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आमुख

डॉ. गाडगिल तथा गोखले संस्थान के विद्यार्थियों,

आज शाम आपको संबोधित करने के लिए आपके निमंत्रण को पाकर मैं बहुत ही सम्मानित अनुभव कर रहा हूं। आज आप ऐसे दिन उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिसे आपका स्थापना दिवस घोषित किया गया है। मुझे आपके संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय राव बहादुर आर.आर. काले को व्यक्तिगत रूप से जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ बंबई की पूर्व विधान परिषद में वह मेरे साथी थे। मुझे मालूम है कि जिस विषय पर भी वह कार्य करते थे, उस कार्य को करने में कितनी सावधानी बरतते तथा कितना अध्ययन करते थे। मुझे विश्वास है कि वह ऐसे सभी लोगों के आभार के अधिकारी हैं, जो इस संस्थान की स्थापना के सहायतर्थ ज्ञान तथा अध्ययन के प्रति सजग हैं और जिनका कार्य ज्ञान की खोज करना तथा उसे उन लोगों के लिए उपलब्ध कराना है, जो उसके उपयोग के प्रति सचेत हैं। चूंकि प्रथमतः ज्ञान अनुपम शक्ति है, तथा द्वितीय, वे सभी जो ज्ञान की इच्छा रखते हैं और उसके प्रति सजग हैं, उनके पास ज्ञान की खोज के लिए समय और धैर्य नहीं है। ऐसा व्यक्तित्व जो ज्ञान को आवश्यक मानता है तथा उसके अर्जन में आने वाली कठिनाइयों को समझता है, मुझे उसके साथ तथा उस संस्थान के साथ इस तरह जुड़ने में प्रसन्नता हो रही है, जिसकी उसने स्थापना की है।

अपने व्याख्यान के लिए मैंने जिस विषय को चुना है, वह भारत सरकार अधिनियम, 1935 में विहित संघीय योजना है। विषय का शीर्षक आपको यह आभास दे सकता है कि मैं संघीय संविधान की व्याख्या करने जा रहा हूं। ऐसा करना स्वयं में एक असंभव कार्य होगा। संघीय योजना बहुत विशाल योजना है। इसके उपबंध प्रथमतः भारत सरकार अधिनियम, 1935 की 322 धाराओं, दूसरे, नौ अनुसूचियों में जो इस अधिनियम की ही अंग हैं, तीसरे, इस अधिनियम के अंतर्गत जारी किए गए 31 परिषद आदेशों तथा चौथे, देशी राज्यों द्वारा पारित किए जाने वाले सैकड़ों विलय - पत्रों में दिए गए हैं। कोई भी इतने विशाल विषय पर अपने अधिकार का दावा नहीं कर सकता और यदि कोई ऐसा करता भी है तो उसे इसके सभी पक्षों को प्रतिपादित करने में वर्षों लगेंगे। मैंने अपने लिए बहुत ही सीमित - सा काम निर्धारित किया है। इस कार्य के अंतर्गत इस योजना की कुछ स्वीकृत परीक्षणों के अनुसार जांच करना तथा इस जांच के परिणामों को आपके समक्ष रखना है, ताकि आप इस योजना के संबंध में अपनी राय बना सकें। यह सही है कि मैं इस योजना की रूपरेखा तैयार करने से एकदम नहीं बच सकता। वास्तव में, मैं इस योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करने जा रहा हूं। मैं महसूस करता हूं कि यह एक आवश्यक प्रारंभिक चीज है, जिसके बिना मेरी मीमांसा उद्देश्य की प्राप्ति नहीं कर सकेगी। लेकिन अपने इस उद्देश्य के लिए मैं जो रूपरेखा तैयार