2. संघ बनाम स्वतंत्रता - Page 77

60 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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पहला प्रश्न यह है कि संघ की कार्यकारी शक्तियों की सीमा क्या हो? क्या ये शक्तियां विधायी शक्तियों के साथ - साथ हों? कुछ संघों में कानून ने इसे स्पष्ट नहीं किया। इसे न्यायिक निर्णय के ऊपर छोड़ दिया गया है, जैसा कि कनाडा के मामले में है। भारतीय संविधान इस मामले को न्यायालयों द्वारा निर्णय दिए जाने के लिए नहीं छोड़ता है। इसे स्वयं अधिनियम में ही परिभाषित कर दिया गया है। प्रासंगिक धारा 8(1) है। इसके अनुसार संघ का कार्यकारी प्राधिकार निम्नांकित पर लागू होता है :

(क) ऐसे मामले जिनके संबंध में संघीय विधान - मंडल को कानून का अधिकार प्राप्त है,

(ख) ब्रिटिश भारत में महामहिम की ओर से नौ - सेना, थल सेना, वायु सेना की

स्थापना और भारतीय संगठन में महामहिम के सैन्य बलों पर प्रशासन, और

(ग) संधि, अनुदान, प्रथा, रजामंदी या अन्य महामहिम द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के

मामले में प्रयोग लाए जाने वाले ऐसे अधिकारों, प्राधिकारों तथा क्षेत्राधिकार

का उपयोग करना।

इस उप-धारा के प्रावधानों को अपनाने में कोई कठिनाई नहीं होती। शायद उपखंड (क) को समझने में कुछ कठिनाई हो सकती है। इसके अनुसार कार्यकारी शक्तियां संघ की विधायी शक्तियों के साथ होनी चाहिएं। अब संघ की विधायी शक्ति न केवल संघीय सूची तक अधिकार रखती है, बल्कि इसका क्षेत्र समवर्ती सूची तक भी होता है। क्या संघ की कार्यकारी शक्ति समवर्ती सूची में सम्मिलित विषयों पर लागू होती है, इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले दो बातें ध्यान में रखी जानी चाहिएं। पहली यह कि समवर्ती सूची प्रांत के विधायी प्राधिकार के अंतर्गत आती है। दूसरी यह है कि धारा 49(2) के अनुसार प्रत्येक प्रांत का कार्यकारी प्राधिकारी केवल उन्हीं मामलों तक सीमित होता है, जिनमें प्रांत के विधान-मंडल को कानून बनाने की शक्ति प्राप्त होती है। इस प्रश्न का उत्तर कि क्या संघ का कार्यकारी प्राधिकार समवर्ती सूची पर भी लागू होता है, यह है कि समवर्ती सूची के संबंध में कार्यकारी प्राधिकार संघीय सरकार तथा प्रांतीय सरकार, दोनों के ही पास होता है। यह धारा 126(2) से स्पष्ट होता है। इसका संबंध प्रांत सरकार से होता है, सिर्फ ऐसे मामलों को छोड़कर जो संघीय विधान-मंडल, के अंतर्गत आ गए हैं। इसका संबंध संघीय सरकार से होता है, सिर्फ ऐसे मामलों को छोड़कर, जिनके बारे में प्रांतीय विधान-मंडल ने कानून बना दिया है।

समवर्ती सूची वह सूची नहीं है, जो संघीय विधान-मंडल के विधान के अंतर्गत आती है। संघीय विधान-मंडल आपातकाल के दौरान धारा 102 के अंतर्गत प्रांतीय सूची में आने वाले विषयों पर कानून बना सकता है और धारा 106 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय करार कर सकता है। क्या संघ का कार्यकारी प्राधिकार ऐसे मामलों पर भी लागू होता है? इसका उत्तर यह है कि जब कोई क्षेत्र संघीय विधान-मंडल के अंतर्गत आ जाता है तो वह क्षेत्र संघ के कार्यकारी प्राधिकार क्षेत्र के अंतर्गत भी आता है।