2. संघ बनाम स्वतंत्रता - Page 79

62 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

  1. निगम कर,

  2. नमक,

  3. राज्य लाटरी,

  4. कृषि आय को छोड़कर अन्य आय पर कराधान,

  5. बड़ी संपत्तियों पर पूंजी कर - व्यक्तियों तथा कंपनियों की कृषि भूमि को

छोड़कर, कंपनियों की पूंजी पर कर,

  1. कृषि भूमि को छोड़कर अन्य संपत्ति के उत्तराधिकार पर कर,

  2. विनिमय बिलों, चेकों, प्रौमिजरी नोटों, लोडिंग बिलों, साख पत्रों, बीमा प्रतिपत्र

पालिसियों और प्राप्तियों पर स्टाम्प शुल्क,

  1. रेल या हवाई जहाज द्वारा ले जाए जाने वाले यात्रियों या समान पर सीमा

कर, रेल किराए तथा भाड़े पर कर, और

  1. इस सूची में सम्मिलित किसी भी वस्तु के संबंध में शुल्क, लेकिन किसी

न्यायालय मेंं लिए गए शुल्क को छोड़कर।

इस संबंध में समवर्ती सूची में निम्नांकित मद की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सकता है :

  1. विवाह तथा तलाक,

  2. वसीयतनामा, निर्वसीयता तथा उत्तराधिकार, और

  3. संपत्ति तथा अन्य कृषि भूमि का हस्तांतरण।

समवर्ती सूची में होने के कारण संघीय विधान-मंडल को इस संबंध में कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है। क्या संघीय विधान-मंडल इसके संबंध में कानून बनाने के साथ - साथ उनसे राजस्व की प्राप्ति कर सकता है? इस अधिनियम में इस प्रश्न का कोई भी उत्तर दिखाई नहीं देता। तथापि, यह सुझाव दिया जा सकता है कि बाकी हिस्से से संबंधित शक्तियों के उपयोग के संबंध में धारा 104 में दिए गए नियम यहां पर भी लागू होंगे। संविधान के द्वारा राजस्व के जिन स्रोतों का विभाजन किया जा सकता है, वे इस प्रकार हैं :

  1. निगम कर को छोड़कर अन्य आय कर, तथा

  2. जूट निर्यात शुल्क।

संघीय कानून के अनुसार जिनका वितरण किया जा सकता है, वे इस प्रकार हैं :

  1. नमक पर कर,

  2. तंबाकू तथा अन्य समान पर उत्पाद शुल्क, और

  3. निर्यात शुल्क।

संघ की वित्तीय शक्तियों के संबंध में एक विशेषता ऐसी है, जो अपनी प्रमुखता के कारण ध्यान आकर्षित करती है। इस अधिनियम में जहां संघीय सरकार को कर लगाने का अधिकार प्राप्त है, वहीं कर वसूली का अधिकार नहीं है। इसमें कर लगाने के अधिकार और वसूली के अधिकार के बीच अंतर है। जैसा आय कर तथा निगम कर पर अधिभार के मामले में भी है