72 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
नहीं आते हैं। जो कराधान के अंतर्गत नहीं आते हैं, उन्हें छह शीर्षों के अंतर्गत रखा जा सकता है :
(1) संघीय सूची में सम्मिलित विषयों पर शुल्क,
(2) डाक बचत बैंक सहित डाक सेवाओं से प्राप्त लाभ, यदि कोई हो,
(3) संघीय रेलवे के प्रचालन सेवाओं से प्राप्त लाभ, यदि कोई हो,
(4) टकसाल और मुद्रा प्रचालन से लाभ, यदि कोई हो,
(5) किसी आम संघीय उद्यम, जैसे कि रिजर्व बैंक से लाभ, यदि कोई हो, और
(6) संघीकृत अथवा गैर - संघीकृत राज्यों से सम्राट को सीधा अंशदान।
जहां तक भारत सरकार अधिनियम के अंतर्गत कराधान से प्राप्त राजस्व का प्रश्न है, वे दो शीर्षों में आते हैं, साधारण कराधान और असाधारण कराधान।
साधारण कराधान में भिन्न स्रोतों से प्राप्त लेवी सम्मिलित है :
(1) सीमा शुल्क,
(2) निर्यात शुल्क,
(3) उत्पाद शुल्क,
(4) नमक,
(5) निगम कर,
(6) आय कर, कृषि को छोड़कर, और
(7) संपत्ति कर, जैसे कि व्यक्तिगत परिसंपत्तियां अथवा संपत्ति के पूंजीगत मूल्य पर
कर।
असाधारण राजस्व निम्न शीर्षों के अंतर्गत आता है :
(1) आय कर पर अधिभार?
(2) उत्तराधिकार करों पर अधिभार,
(3) रेल अथवा हवाई जहाज द्वारा ले जाए जाने वाले माल अथवा यात्रियों पर लगाए
जाने वाले टर्मिनल टैक्स तथा रेल भाड़े में समस्त करों पर अधिभार, और
(4) स्टाम्प ड्यूटी, आदि पर अधिभार।
अब, जब कि प्रांत इनमें से किसी भी शीर्ष के अंतर्गत कराधान वहन करने के लिए बाध्य हैं, चाहे वह कराधान साधारण किस्म का हो या असाधारण किस्म का, राज्यों के संबंध में यह सच नहीं है। उदाहरणार्थ, राज्य साधारण समय में असाधारण करों को चुकाने के लिए उत्तरदायी नहीं जो शीर्ष 6 और 7 के अंतर्गत आते हैं, जब कि प्रांत इसके लिए बाध्य हैं।
असाधारण कराधान के विषय में, राज्य आर्थिक संकट के दिनों में भी जो कर मद 2,