67 श्रम विभाग के अधीन मुद्रण तथा लेखन-सामग्री शाखा में मुसलमान अधिकारियों की कम संख्या - Page 102

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 87

ईसाई और इस पद पर नियुक्ति के लिए मुसलमान की नियुक्ति करने का कभी विचार नहीं किया गया और यदि हाँ, तो क्यों?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) दो। एक फार्म प्रेस कलकत्ता में और दूसरा भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली में।

(ख) प्रथम भाग का उत्तर ना में है। जहां तक दूसरे भाग का संबंध है, मैं यह कह सकता हूँ कि यह पद प्रोन्नति द्वारा भरा जता है, सीधी भर्ती द्वारा नहीं। इस पद पर भर्ती के लिए कभी भी कोई मुसलमान इतना अधिक वरिष्ठ नहीं था कि उसके ऊपर विचार किया जाता।

मौलवी सैयद मुर्तज़ा साहिब बहादुरः इस संबंध में क्या मैं माननीय श्रम सदस्य से यह पूछ सकता हूँ कि क्या यह सच है कि पचास रुपये पर जिस मुसलमान को नियुक्त किया गया था, उसने जब यह देखा कि भविष्य में उसके प्रौन्नत होने का कोई अवसर नहीं है तो उसने अपना स्थानांतरण बंगाल में करा लिया जहां उसे 225/- रुपये मिल रहे हैं और जिस व्यक्ति को 200/- रु. पर नियुक्त किया गया था, वह अब 350/- रुपये ले रहा है और उस मुसलमान के दावे की उपेक्षा कर दी गई है, जो पहले से ही वरिष्ठ है औरर 250/- रु. ले रहा है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कोई जानकारी नहीं है। परन्तु यदि मेरे माननीय मित्र ऐसा चाहें तो मैं जांच पड़ताल/पूछताछ कर सकता हूं।

मौलवी सैयद मुर्तज़ा साहिब बहादुरः क्या आप पूछताछ/जांच पड़ताल करने की कृपा करेंगे?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हाँ।

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* श्रम विभाग के अधीन मुद्रण तथा लेखन-सामग्री शाखा में

मुसलमान अधिकारियों की कम संख्या

424. मौलवी सैयद मुर्तज़ा साहिब बहादुरः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) भारत सरकार के विभिन्न मुद्रणालयों में सहायक प्रबंधकों की वर्तमान संख्या कितनी है और उनमें से मुसलमान कितने हैं_

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 30 मार्च, 1943, पृष्ठ 1585