68 मुद्रण तथा लेखन-सामग्री विभाग में मुसलमान तथा गैर-मुसलमान प्रशिक्षुओं के बीच भेदभाव/पक्षपात - Page 103

88 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ख) मुद्रण तथा लेखन सामग्री नियंत्रक के कार्यालय की प्रशासन शाखा में और श्रम विभाग की मुद्रण शाखा में अलग-अलग मुसलमान लिपिकों तथा सहायकों की संख्या कितनी है_ और

(ग) मुद्रण तथा लेखन-सामग्री नियंत्रक के कार्यालय में तथा प्रकाशन शाखा में मुसलमान अधीक्षकों की संख्या कितनी है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) तीन! उनमें से एक मुसलमान है।

(ख) श्रम विभाग की लेखन सामग्री तथा मुद्रण शाखा में एक मुसलमान सहायक है और नियंत्रक के कार्यालय की प्रशासनिक तथा वित्त शाखा में एक सहायक तथा एक लिपिक है।

(ग) कोई नहीं।

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* मुद्रण तथा लेखन-सामग्री विभाग में मुसलमान तथा गैर-मुसलमान

प्रशिक्षुओं के बीच भेदभाव/पक्षपात

426. मौलवी सैयद मुर्तजत्र साहिब बहादुरः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि भारत सरकार के मुद्रण तथा लेखन-सामग्री विभाग में उपयुक्त/योग्य व्यक्तियों को प्रशिक्षुओं के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है_

(ख) क्या ये व्यक्ति विभिन्न मुद्रणालयों में उच्च्तर पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र हैं_

(ग) क्या यह सच है कि एक ऐसे प्रशिक्षु श्री वी.सी. सेनगुप्ता को भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली में प्रतिमास तीन सौ रुपये पर नियुक्त किया गया है और एक-दूसरे प्रशिक्षु - एक मुसलमान को - कोई उपयुक्त काम नहीं दिया गया और अंततोगत्वा, उसे स्वयं को सहायक प्रबंधक के रूप में सरकारी मुद्रणालय, कलकत्ता में स्थानांतरित कराना पड़ा, और

(घ) यदि भाग (ग) का उत्तर हाँ में है तो उसे भेदभाव व पक्षपात के क्या कारण हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ।

(ख) हां, वे पात्र हैं, परन्तु उनका नियुक्ति के लिए कोई विशेष दावा नहीं होता।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 30 मार्च, 1943, पृष्ठ 1585