विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 95
(ख) क्या यह सच है कि इस भवन के सभी अधिकारियों के शौचालयों में विद्युत बल्ब लगे हैं_
(ग) क्या यह सच है कि कुछ लिपिकीय स्टाफ देर रात तक कार्य करता है_
(घ) क्या सरकार इन व्यक्तियों से आशा करती है कि वे अंधेरे में शौचालयों का प्रयोग करें या आशा करती है कि अंधेरा होने के पश्चात् वे शौचालयों का प्रयोग करने की आवश्यकता महसूस न करें_
(घ) लिपिकों के शौचालयों में ही विद्युत बल्ब प्रदान न करने के क्या कारण हैं_
(च) क्या यह सच है कि कुछ सीढि़यों में प्रकाश व्यवस्था नहीं है या कुछ हिस्से अंधेरा होने के बाद बिना प्रकाश व्यवस्था के छोड़ दिए जाते हैं_
(छ) क्या यह सच है कि प्रत्येक शाम सचिवालय के इर्द-गिर्द का क्षेत्र पूर्णतया प्रकाश से जगमगाता रहता है_
(ज) यदि उपरोक्त (छ) का उत्तर हां है तो भवन के अन्दर की सीढि़यों विशेषतया मुख्य सीढि़यों में प्रकाश की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती_ और
(झ) यदि सीढि़यों में प्रकाश की व्यवस्था व्यवहार्य नहीं है तो, क्या सरकार सभी कार्यालयों को कुछ निश्चित अनुदेश जारी करने को तैयार है कि वे अंधेरा होने के पश्चात् किसी भी स्टाफ को रूकने की इजाजत न दें ताकि उनको नीचे आने के लिए अपना मार्ग न टटोलना पड़े?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) कुछ बल्ब फयूज हो गये थे तथा बल्बों की कमी के कारण उन्हें बदला नहीं जा सका।
(ख) जी हाँ, न केवल अधिकारियों के शौचालयों में बल्कि सभी शौचालयों में बल्ब लगे हैं।
(ग) जी हाँ।
(घ) जी नहीं।
(घ) कुछ शौचालयों में कुछ समय तक आंशिक तौर पर ही बल्ब क्यों लगे थे, इसका कारण है कि बल्ब उपलब्ध नहीं थे। बल्बों का कुछ माल अभी प्राप्त हुआ है और फयूज बल्बों की जगह नये बल्ब लगाने की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।
(च) विद्युत की कमी के कारण प्रकाश में सामान्य कमी किए जाने को ध्यान में रखते हुए सीढि़यों की प्रकाश व्यवस्था को कम किया गया। उनमें आंशिक तौर पर ही प्रकाश व्यवस्था है।