96 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(छ) मैं समझता हूँ कि माननीय सदस्य सड़क की रोशनी का संदर्भ दे रहे हैं। यहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था है क्योंकि यहां यातायात अत्यधिक रहता है।
(ज) पर्याप्त विद्युत उपलब्ध होते ही प्रकाश के स्तर को बढ़ा दिया जायेगा।
(झ) यह प्रश्न ही नहीं उठता क्योंकि साधारणतया सीढि़यों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होती है। यदि कहीं कोई संदेह है तो विद्युत की उपलब्धतानुसार प्रकाश में सुधार करवाउंगा।
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* दिल्ली किराया नियंत्रण आदेश के अधीन परेशानियाँ
436 सरदार संत सिंहः (क) क्या माननीय श्रम-सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि नई दिल्ली भवन मालिक एवं पट्टेदार संघ ने रात दिसम्बर में श्रम विभाग के किराया नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के विरूद्ध एक अभ्यावेदन दिया था_ यदि हां, तो क्या विभाग ने अभ्यावेदन की जांच की है_ यदि हां, तो उसके क्या परिणाम निकले हैं_ और
(ख) क्या माननीय सदस्य को यह मालूम है कि किराया नियंत्रण आदेश के कारण अत्यधिक कठिनाई हो रही है_ यदि हां, तो क्या सरकार इसकी जगह पंजाब किराया प्रतिबंध अधिनियम, 1941 लाने को तैयार है जो कि पुरानी दिल्ली में लागू है_
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ। यह अभ्यावेदन अभी विचाराधीन है।
(ख) जी नहीं। इस प्रश्न के दूसरे भाग का प्रश्न नहीं उठता। किन्तु मैं माननीय सदस्य का ध्यान तारांकित प्रश्न संख्या 231 के भाग (ग) के उत्तर की ओर दिलाना चाहूंगा।
सरदार संत सिंहः क्या मैं माननीय सदस्य से पूछ सकता हूँ कि क्या इस संबंध में उन्होंने दिल्ली के माननीय मुख्य आयुक्त के ताजा निर्णय का अध्ययन किया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जी नहीं, मैंने नहीं किया।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 30 मार्च, 1943, पृष्ठ 1590