75 सम्भाव्य तेल स्रोतों की खोज तथा वैज्ञानिक अन्वेषण के लिए लाइसेंस - Page 112

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 97

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* सम्भाव्य तेल स्रोतों की खोज तथा

वैज्ञानिक अन्वेषण के लिए लाइसेंस

441. श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय श्रम-सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि भारत के कुछ सम्भाव्य तेल स्रोतों के खोज कार्य तथा वैज्ञानिक अन्वेषण करने के लाइसेंस ब्रिटिश व अमरीकी कम्पनियों को दिये गये हैं_ यदि हां, तो कौन-सी पार्टियों को ऐसे लाइसेंस प्रदान किए गए है तथा उसकी शर्तें क्या हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः केन्द्र शासित क्षेत्रों के अतिरिक्त, संदर्भित लाइसेंस प्रादेशिक सरकारों द्वारा प्रदान किये जाते हैं। प्रादेशिक सरकारों द्वारा प्रदान किये गये लाइसेंसों के बारे में केन्द्र सरकार के पास कोई जानकारी नहीं है। केन्द्र शासित क्षेत्रों में इस प्रकार के कोई लाइसेंस प्रदान नहीं किये गये हैं।

इस प्रश्न के दूसरे भाग का प्रश्न ही नहीं उठता।

श्री के.सी. नियोगीः इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग ने अभी उपयोग शाखा शुरू की है, क्या सरकार यह आवश्यक समझती है कि महत्वपूर्ण खनिजों के मामलों में प्रादेशिक प्राधिकारियों द्वारा प्रदत्त लाइसेंसों की सूचना उन्हें दी जाए?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः निश्चित रूप से।

श्री के.सी. नियोगीः क्या मैं यह समझूं कि भारत सरकार, विशेषतया भू-वैज्ञानिक विभाग की सूचना के अनुसार प्रादेश्कि सरकार द्वारा इस प्रकार के कोई लाइसेंस नहीं प्रदान किए गए हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस समय हमारे पास कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। यदि मेरे माननीय मित्र को आवश्यकता है तो मैं उनके लिए यह सूचना एकत्र कर सकता हूँ।

श्री के.सी. नियोगीः एक वैज्ञानिक पत्रिका ने मुझे ज्ञात हुआ कि खनिज विषयक खोज किए जाने के लिए ब्रिटिश व अमेरिका कम्पनियों को वास्तव में लाइसेंस दिये गये हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि मेरे माननीय मित्र यह सूचना चाहते हैं तो मैं उनके लिए सूचना अवश्य एकत्र करूंगा।

श्री के.सी. नियोगीः धन्यवाद।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 30 मार्च, 1943, पृष्ठ 1595