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100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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* ‘‘कुछ खनिजों के संदर्भ में भारतीय भू-वैज्ञानिक

सर्वेक्षण की उपयोगिता शाखा के कार्य

92. श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय श्रम-सदस्य सीसा, गंधक, वोल्फ्रैम, टिन, तांबा तथा खनिज जलों के संदर्भ में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की उपयोगिता शाखा के कार्यों की प्रगति को दर्शाते हुए विस्तृत ब्यौरा देने की कृपा करेंगे?

मानीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः विवरण सभा पटल पर रख दिया गया है।

विवरण

1. सीमाµ 1941-42 में भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने राजपूताना की कुछ चिर परित्यक्त सीमा-जिंक अभ्रक खानों की बारीकी से जांच की। ऐसा प्रतीत हुआ कि भारत में अत्यधिक आशाजनक सीसा जिंक निक्षेप खानें उदयपुर राज्य के ज्वार में थी जिनमें कभी कार्य हुआ करता था लेकिन वे पिछले 100 वर्षों से परित्यक्त पड़ी है। ये खनिज अधिकार मेवाड़ राज्य के पास थे जिन्हें उन्होंने एक व्यावसायिक फर्म को पट्टे-पर दे दिया। चूंकि यह फर्म अपने पट्टे को तीव्रता से दोहन करने की स्थिति में नहीं थी (और चूंकि युद्ध प्रयासों को सहायता दी जानी थी अतः तीव्र दोहन आवश्यक था), सरकार ने उनके अधि कार खरीदने और राज्य से स्वयं पट्टा लेने का निण लिया। यह कार्य किया गया (उस व्यावसायिक फर्म की उचित क्षतिपूर्ति की जा रही है) तथा मेवाड़ राज्य द्वारा प्रदत्त पट्टे की शर्तों के अधीन सरकार अपना दोहन कर रही है। मई, 1942 के अंत में कार्य शुरू हुआ। उनको दो स्तरों में नियोजित किया गया है (1) एक विस्तृत प्लेन-टेबल सर्वेक्षण और गहन ड्रिलिंग प्रचालन, उसके बाद (2) पायलट-अयस्क-ड्रैसिंग प्लांट का बनाया जाना जैसे ही ड्रिलिंग कार्यों में लोड की व्यवहार्यता सुनिश्चित हो जाती है। एक मुख्य अयस्क-शुद्धिकरण की स्थापना करके पुरानी कार्यपद्धिति को 4 एडिट या हैडिंग द्वारा शुरू किया जा रहा है। इनमें से एक हैडिंग को सीसा-जिंक अयस्क के लोड के काम लाया गया जो कि काफी विस्तृत है, लेकिन कुल मिलाकर यह उतना समृद्ध नहीं है जितना वांछित था। अन्य हैडिंग को अभी लोड लेना है। खनिज पदार्थ एवं मशीनरी प्राप्त करने में कठिनाई को ध्यान में रखते हुए इन प्रचालनों की प्रगति संतोषजनक है। इस समय यह कहना संभव नहीं है कि चारों में से किसी एक हैडिंग को उच्च ग्रेड के सीसा अयस्क पर कार्य करना चाहिये। ये केवल प्रारम्भिक प्रचालन है

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 30 मार्च, 1943, पृष्ठ 1596-98