102 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
उपयोगिता शाखा कलात राज्य में सानी के निकट कुछ पुरानी गंधक खानों को सिद्ध करने के लिए प्रचालन कार्य कर रही है। इस समय वहां खुदाई कार्य चल रहा है।
3. वुल्फ्रैमµ उपयोगिता शाखा वुल्फ्रैम के दो छोटे निक्षेपों का दोहन कर रही हैµ एक बंगाल के बांकुरा जिले में है तथा दूसरा नागपुर सी.पी.ए. में। पहले वाले निक्षेप से वुल्फ्रैम, चट्टानों रीफ में बिखरा हुआ पाया जाता है और वहीं से निकाला जाना चाहिए। अनेक पुराने छितरे हुए निम्न श्रेणी के स्थानों में एक निरंतर निर्गम प्राप्त हुआ और अब यह विचार किया जा रहा है कि मशीनरी लगाई जाये या नहीं। बंगाल की अपेक्षा मध्यवर्ती प्रदेशों में निक्षेप कम है। वुल्फ्रैम की युद्ध के प्रति बहुमूल्यता को ध्यान में रखते हुए इस निक्षेप का और अन्वेषण किया जा रहा है और वुल्फ्रैम की एक निश्चित मात्रा निकालने की आशा है। वूल्फ्रैम की प्राप्ति का मुख्य स्थान भारत के जोधपुर राज्य में है और इन खानों पर जोधपुर सरकार द्वारा कार्य हो रहा है। राज्य प्राधिकारियों के अनुरोध पर उपयोग शाखा, यथाआवश्यक तकनीकी सलाह तथा मशीनरी की आपूर्ति के माध्यम से हर सहायता दे रही है।
4. टिनµ उपयोगिता शाखा ने भारत में बिहार के हजारीबाग जिले में टिन अयस्क के सम्भावित व्यवहार्य प्राप्ति स्थान पर ध्यान केन्द्रित किया है। कूड़े के ढेरों से प्राप्त नमूनों से पता चलता है कि इस क्षेत्र में टिन अयस्क व्यापक काम करता है। पुरानी
खानों को खोलने के प्रयास जारी हैं जो प्रतीत होती है कि काफी गहराई तक गई है लेकिन उनमें पानी भरा है। पानी निकालने की प्रक्रिया प्रगति पर है लेकिन उपयुक्त पम्पिंग उपकरणों की कमी से कार्य में बाधा आई है। पम्पिंग मशीनरी प्राप्त करने के प्रयास जारी हैं।
5. तांबाµ उपयोगिता शाखा ने बिहार में ताम्बे की एक परित्यक्त खान को पुनः
खोलने की संभावनाओं का अन्वेषण किया है। इन पुरानी खानों में पानी निकालने की आवश्यकता भी पड़ेगी तथा यह बताने से पहले कि ये कार्य योग्य होंगी या नहीं विस्तृत भूमिगत सर्वेक्षण व विश्लेषण करने पड़ेंगे। एक-दो तांबा प्राप्ति स्थानों का अन्वेषण भी किया जा रहा है। वे अपेक्षतया निराशाजनक प्रतीत होते हैं, लेकिन यदि विश्लेषण अच्छे हैं तो आगे खोज की जायेगी।
6. खनिज जलµ भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भारत में खनिज स्रोतों का विस्तृत परीक्षण किया है और गत 18 महीनों में 6 प्रकार के भारतीय स्रोतों पर प्रयोग किया गया है। उन्हें लाल लेबल (अम्ल) सफेद लेबल (उदासीन), हरा लेबल (उदासीन), नीला लेबल (गैस्टीन), नीला लेबल (ऐक्सिस-लेस-बैन्स) एवं पीला लेबल (विची) प्रकार में बोतल बंद किया गया है। लाल, सफेद एवं नीले (गैस्टीन) पानी लाभकारी सिद्ध