79 नई दिल्ली के पारम्परिक क्वार्टरों के परिसरों में नलों व अनिस्यंदित (बिना-छाना हुआ) पानी का प्रावधान - Page 118

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 103

हुए तथा बड़े पैमाने पर परीक्षण के लिए उन्हें बोतल बंद करने के लिए कदम उठाये गये। लेकिन प्रौपराइटरों के साथ अभी तालमेल बिठाना है। इन पानी के व्यावसायिक पहलू टेबल खनिज जल व बहुमूल्य औषध गुण दोनों विचाराधीन हैं।

79

* नई दिल्ली के पारम्परिक क्वार्टरों के परिसरों में नलों व

अनिस्यंदित (बिना-छाना हुआ) पानी का प्रावधान

468. श्री मुहम्मद अजहर अलीः (क) क्या माननीय श्रम-सदस्य को मालूम हैःµ

(i) कि कुछ समय पहले उनके पूर्वाधिकारी ने नई दिल्ली के अनुसचिवीय स्थापना के पारम्परिक क्वार्टरों के परिसरों या आंगनों में अनिस्यंदित पानी के नल प्रदान करने का वादा किया लेकिन बाद में यह निर्णय लिया गया कि क्वार्टर के बाहर लगे नलों को गत गर्मी के महीनों में खुला रखा जाये और कनैक्शन-तालों की चोरी की वजह से गत गर्मी के दौरान यह रियायत हटा ली गई_

(ii) कि इस प्रकार की व्यवस्था अत्यधिक असुविधाजनक थी और अधिकतर मामलों में गर्मी के महीनों में क्वार्टरों को पानी लम्बी दूरी से महिलाओं व बच्चों द्वारा धूप में लाया जाता था_ और

(iii) कि क्वार्टरों के सामने काफी बड़े परिसर हैं जिन्हें सरकार के अधिक खाद्य उगाने के प्रचार के अनुरूप किरायेदारों द्वारा सब्जी व अन्य वस्तुएं उगाने के लिए काम में लाया जा सकता है_

(ख) क्या माननीय सदस्य का अपारम्परिक क्वार्टरों की तरह प्रत्येक क्वार्टर के आंगन में अनिस्यंदित पानी के नल लगाने की वांछनीयता पर विचार करने का प्रस्ताव है_ और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) (i) आनुमानिक रूप से माननीय सदस्य, 28 फरवरी, 1940 को इस सदन में भाई परमानन्द द्वारा पूछे गये तारांकित प्रश्न सं. 230 के उत्तर में मेरे पूर्वाधिकारी द्वारा दिये गये जवाब को संदर्भ दे रहे हैं। मेरे पूर्वाधिकारी ने, नई दिल्ली के पारम्परिक क्लर्कों के क्वार्टरों के परिसर या आंगनों में अनिस्यंदित पानी के नल लगाने का वादा नहीं किया और उन्होंने कहा कि वे

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 2 अप्रैल, 1943, पृष्ठ 1733-34