104 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
इसकी वांछनीयता पर विचार कर रहे हैं। इन क्वार्टरों के सामने गर्मी के महीनों के दौरान हाइड्रैन्ट्स (और नल नहीं) खुले रखने और उन पर कुछ यांत्रिक यंत्र लगाने का निर्णय लिया गया और यह व्यवस्था गत ग्रीष्म ऋतु के दौरान जारी रही, सिवाय कुछ मामलों के जहां यंत्र या तो क्षतिग्रस्त हो गया या चुराया गया।
(i) मैं नहीं कह सकता कि व्यवस्था अत्यधिक असुविधाजनक थी।
(ii) जी हाँ।
(ख) जी नहीं। वित्तीय तंगी तथा सामग्री की अनुपलब्धता के कारण इन क्वार्टरों के आंगनों में बिना छने हुए पानी के नल प्रदान करने पर सामान्य समय तक विचार नहीं किया जा सकता। मैं माननीय सदस्य की सूचना हेतु उल्लेख कर सकता हूँ कि क्लर्कों के अपारम्परिक क्वार्टरों के आंगनों में नल प्रदान नहीं किये गये और क्लर्कों के अपारम्परिक क्वार्टरों के सामने लगे हाइड्रैण्टों के ऊपर लगे यांत्रिक उपकरणों के जैसे उपकरण पारम्परिक क्वार्टरों में हाइड्रैण्टों के ऊपर लगाये गये।
श्री लालचन्द नवलरायः क्या मैं माननीय सदस्य से जान सकता हूँ कि इन पारम्परिक क्वार्टरों को उपलब्ध कराए गए पानी का निःशुल्क भत्ता क्या है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इसके बारे में जानकारी चाहूंगा।
श्री लालचन्द नवलरायः इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सरकार अब बिना छना हुआ पानी देने में असमर्थ है, क्या माननीय सदस्य छने हुए पानी की मुफत, आपूर्ति 10,000 गैलन बढ़ाने के प्रश्न पर विचार करेंगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इस पर विचार करूंग।
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* बंगाल व बिहार के कोयला उद्योग की तरफ से शिष्टमण्डल
श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय श्रम-सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि गत 25 मार्च को बंगाल व बिहार के कोयला उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठनों की तरफ से एक शिष्टमंडल से उनकी भेंट हुई थी और यदि हाँ तो, शिष्ट-मण्
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 2 अप्रैल, 1943, पृष्ठ 1734-35