80 बंगाल व बिहार के कोयला उद्योग की तरफ से शिष्टमण्डल - Page 120

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 105

डल द्वारा बनाये गये अभ्यावेदन की विषय-वस्तु क्या थी और सरकार द्वारा उस पर क्या कार्रवाई करने का प्रस्ताव है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा कि माननीय सदस्य ने बताया, मैंने बंगाल एवं बिहार के कोयला उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों के एक शिष्ट-मण्डल से 25 मार्च को भेंट की थी।

यह विषय-वस्तु उनकी चिन्ता का कारण थी जो कि वर्तमान चावल भंडार के पुर्नभरण के भविष्य की व्यवस्था के बारे में है। शिष्ट-मण्डल ने कहा कि जहां तक प्रादेशिक सरकार का संबंध है, उनके संघों ने अपने भंडारों के रखरखाव के लिए कोई निश्चित आधार नहीं दिखाए, जबकि संभावित सहायता का वादा करते समय, ऐसा महसूस नहीं किया गया कि वे प्रदायों की गारंटी देंगे। केन्द्र सरकार ने बताया कि कुछ समय पूर्व संगठनों से संयुक्त वितरण योजना के लिए कहा था जो कि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। शिष्ट-मण्डल को सूचित किया गया कि केन्द्र सरकार बंगाल में पर्याप्त मात्रा में चावल आयात कर रही है और यदि यह पाया गया कि प्रादेशिक सरकार मदद नहीं कर पा रही है तो केन्द्र सरकार सहायता देगी। तब से संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलकत्ता के खाद्य विभाग के साथ साक्षात्कार किया और कोयला खान के मजदूरों के लिए खाद्य की स्थिति भविष्य के लिए केन्द्र सरकर की निश्चित आपूर्ति के प्रावधान द्वारा सुनिश्चित की गई।

श्री के.सी. नियोगीः माननीय सदस्य ने चावल के वर्तमान भण्डार को भरने का संदर्भ दिया है। क्या माननीय सदस्य यह बताने की स्थिति में हैं कि विभिन्न कोयला

खानों में अनुमानतः अब कितना चावल उपलब्ध है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा कि मैंने अपने उत्तर में बताया, कोयला-खानों के मजदूरों की खाद्य स्थिति आगामी अवधि के लिए केन्द्र सरकार की निश्चित आपूर्ति के प्रावधान द्वारा सुनिश्चित की गई है।

श्री के.सी. नियोगीः मैं जो संदर्भ दे रहा था वह वर्तमान चावल भण्डार के बारे में था जिसका माननीय सदस्य ने संदर्भ दिया। इन वर्तमान चावल भण्डारों की मात्रा क्या है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः बंगाल व बिहार में स्थिति भिन्न थी और यदि मुझे ठीक से याद है तो शिष्ट-मण्डल ने बताया था कि उनके पास 4 या 5 सप्ताह का भण्डार था।