विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 107
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा कि मैंने कहा, उन्होंने खाद्य-आपूर्ति उपलब्ध कराने में उनकी मदद की।
श्री के.सी. नियोगीः लेकिन किस तरीके से?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उन्हें प्राप्त करने के लिए उन्होंने उनकी मदद की।
श्री के.सी. नियोगीः लेकिन वह मदद किस प्रकार दी गई, क्योंकि ऐसे अवसर आ चुके हैं जिनमें वास्तविक रूप से कठिनाई थी?
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः खान मालिकों ने अपने श्रमिकों के लिए खाने की आपूर्ति करने के लिए क्या कदम उठाये हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा कि मैंने कहा, उन्होंने भंडारों का अनुरक्षण किया तथा प्रादेशिक सरकारों ने भी उनके रख-रखाव में उनकी सहायता की।
श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय सदस्य का ध्यान इस एक घटना की ओर आकर्षित किया गया है, जिसमें चावल के कुछ भंडार खान मालिकों ने अपनी खानों के लिए प्राप्त किये जिन्हें वास्तव में सरकार द्वारा जब्त कर लिया गया और इस संदर्भ में उन्होंने प्रादेशिक सरकार को तथा यहां भी शिकायत की थी?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है।
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* युद्ध आहत (क्षतिपूर्ति बीमा) विधेयक पर प्रवर
समिति के प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः महोदय, मैं युद्ध में आहत हुए कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति करने के दायित्व को मालिकों पर आरोपित करने तथा मालिकों को ऐसे दायित्वों के लिए बीमा प्रदान करने वाले विधेयक पर प्रवर समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करता हूँ।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 3, 26 जुलाई, 1943, पृष्ठ 43