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112 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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* नई दिल्ली एवं दिल्ली में जल आपूर्ति

66. श्री लालचन्द नवलरायः (क) क्या माननीय श्रम-सदस्य इन गर्मी के दिनों में पानी की कमी के कारण हुई असुविधा को कम करने के लिए सभी कार्यों हेतु नई दिल्ली व दिल्ली में पानी की पर्याप्त आपूर्ति हेतु की गई नई व्यवस्था के बारे में बताने की कृपा करेंगे_

(ख) क्या यह सच है कि यमुना नदी के मुहाने को, पम्पों तक पानी पहुंचाने के लिए सीधा किया जा रहा है_ यदि हां तो इस योजना ने क्या प्रगति की है तथा क्या वहां से लाया गया पानी दिल्ली व नई दिल्ली दोनों के लिए पर्याप्त होगा_

(ग) इन गर्मी के दिनों में पाइपों में पानी अत्यधिक गर्म हो जाता है, उसको ठंडा करने के लिए क्या व्यवस्था करने का प्रस्ताव है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) छने हुए पानी की आपूर्ति में सुधार हेतु, इस गर्मी में पांच अतिरिक्त फिल्टर लगाये गये हैं तथा दो बड़े पम्पिंग सैट इंग्लैण्ड से मंगाये गये हैं जिनके अक्टूबर में भारत पहुंचने की आशा है। यमुना के जल स्तर में अचानक गिरावट के कारण बिना छने हुए पानी की कमी आई है। जल-स्तर बढ़ाने के लिए, चैनल के पार अनेक बांध बनाए गये। स्थिति में सुधार आ गया है तथा अब पानी की कोई कमी नहीं है।

(ख) सूखे मौसम चैनल को दाहिने की तरफ मोड़ने, जहां पम्पिंग स्टेशन स्थित है, के लिए केन्द्रीय हाइड्रो-डायनेमिक अनुसंधान केन्द्र, पूना नदी की ट्रेनिंग के लिए प्रयोग कर रहा है। मामले की छानबीन के लिए विशेषज्ञों की हाल ही में नियक्त एक समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है जिसकी जाँच हो रही है।

(ग) पानी को ठंडा करने हेतु कोई व्यवस्था उपयुक्त नहीं है।

श्री लालचन्द नवलरायः यह क्यों उपयुक्त नहीं है और क्या इसलिए कि यहां बहुत ठंड है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः माननीय सदस्य को हक है कि वे कोई भी निष्कर्ष निकाले।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 3, 28 जुलाई, 1943, पृष्ठ 134-35