114 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(ख) क्या यह सच है कि ये मकान युद्ध समय के लिए अस्थायी निर्माण होंगे_ यदि हाँ तो क्या उनको विदित है नई दिल्ली में भारत सरकार के राजपत्रित कर्मचारियों के लिए आवास अपर्याप्त है_ यदि हां तो सरकार ऐसे मकान बनाने का प्रस्ताव क्यों नहीं रखती जो कि युद्ध के पश्चात् राजपत्रित स्टाफ के काम आ सकें_ और
(ग) यदि युद्ध के पश्चात् सेना विभाग को इनकी आवश्यकता नहीं है तो सरकार गाजियाबाद के मकानों को किस प्रयोग में लायेगी?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ। लेकिन लेख में लिखित सभी तथ्य पूर्णतया सही नहीं है।
(ख) तथा (ग) मामला विचाराधीन है तथा कोई निश्चित निर्णय नहीं लिया गया है।
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* औद्योगिक कर्मचारियों हेतु बीमारी बीमा योजना
127. श्री नबी बक्श इलाही भुट्टोः (क) क्या माननीय श्रम-सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि औद्योगिक कर्मचारियों हेतु बीमारी बीमा योजना तैयार हो चुके है_
(ख) इस योजना के कब लागू होने की आशा है_
(ग) क्या माननीय सदस्य योजना की एक प्रति सभा पटल पर रखेंगे_ और
(घ) क्या प्रादेशिक सरकारों द्वारा योजना पर व्यक्त विचारों को भी सभा पटल पर रखा जाऐगा?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी नहीं।
(ख) भारत सरकार ने चुनिन्दा उद्योगों में कर्मचारियों के लिए बीमारी बीमा की एक मसौदा योजना तैयार करने के वास्ते एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया है। यह योजना अभी तैयार की जा रही है लेकिन इस समय यह कहना मुश्किल है कि यह कब से लागू होगी।
(ग) तथा (घ) इन बिन्दुओं पर बाद में विचार किया जायेगा। इसके लिए विधान की आवश्यकता होगी तथा सदन को निश्चित रूप से योजना के बारे में पूर्णतया सूचित किया जायेगा।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 3, 2 अगस्त, 1943, पृष्ठ 468