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120 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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* पूर्व मानक समय द्वारा बुरी तरह से प्रभावित फैक्टरियां

@ 151. काजी मुहम्मद अहमद काजमीः (क) क्या माननीय श्रम-सदस्य बताने की कृपा करेंगे कि ऐसी कौन-सी फैक्टरियां हैं (और देश के किस भाग में) जिन पर पूर्व मानक समय का, जिसका प्रयोग भारत में पहले होता था, प्रतिकूल प्रभाव पड़ा_

(ख) ऐसी फैक्टरियों की संख्या कितनी है और मानक समय रखने के कारण उन फैक्टरियों को अनुमानतः कितनी हानि हुई_ और

(ग) क्या सरकार, पुराने मानक समय की बहाली की सलाह पर विचार कर रही है और यदि हां तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) सरकार को इसकी कोई जानकारी नहीं है कि भारत के किसी भाग मं फैक्टरियों पर पूर्व मानक समय से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

(ख) प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

(ग) प्रथम भाग का उत्तर नकारात्मक है। समय को आगे किये जाने के कारण सरकार की प्रैस विज्ञप्ति में दिये गये हैं जिसकी एक प्रति सदन के पटल पर रखी गई है। पूर्व मानक समय की बहाली के लिए कोई कारण नहीं दिखाये गये।

प्रैस विज्ञाप्ति

भारत में युद्ध कार्यों के लिए दो मानक समय का होना अवांछनीय है तथा इस वर्ष 15 मई से पूरे देश में एक ही मानक समय माना जाएगा। वह मानक क्या होना चाहिए यह निर्णय लेने के लिए सरकार को एक तरफ भारत के उस भाग की सुविधा का ध्यान रखना पड़ेगा जो मेरिडियन 82 1/2 पश्चिमी भाग में पड़ता है तथा जिसमें पहले से ही पर्याप्त रोशनी मिलती है और दूसरी तरफ पूर्वी प्रदेशों की आवश्यकताएं जहां घरेलू के साथ फैक्टरी मांगों, कार्यालय तथा स्ट्रीट लाइटिंग के दोहरेपन के कारण बिजली के ओवरलोड से बचना आवश्यक है और जहां अदृश्यता के प्रभाव को कम करने के लिए अतिरिक्त सूर्य-प्रकाश की आवश्यकता है। चूंकि गर्मी के महीनों में पूर्वी क्षेत्रों में सूर्य-प्रकाश का पर्याप्त मार्जिन है, इसलिए ऐसा माना गया कि कार्यालय

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 3, 2 अगस्त, 1943, पृष्ठ 285 @ प्रश्नकर्ता के अनुपस्थित होने के कारण प्रश्न का उत्तर सभा पटल पर रख दिया गया।