111 अशोक रोड, नई दिल्ली में मस्जिद का गिराना जाना - Page 150

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 135

(क) क्या वे अशोक रोड स्थित सरकारी क्वाटर नं. 9 में मस्जिद की मौजूदगी से अवगत हैं_

(ख) क्या उक्त मस्जिद को लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के अनुरोध पर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों द्वारा आंशिक रूप से गिरा दिया गया है_

(ग) क्या मस्जिद को गिराए जाने का काम मुसलमानों के आंदोलन के कारण रोक दिया गया था_

(घ) क्या ऐसे विध्वंस कार्य को रोकने के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए गए हैं तथा उन्होंने दोषी व्यक्ति के खिलाफ कोई कदम उठाए हैं_ यदि हां तो उसके क्या परिणाम है_ तथा

(घ) सरकार भवन को पहुंचाए गए नुकसान के संबंध में क्या उपचारात्मक कदम उठाने जा रही है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ, एक पुरानी जीर्णशीर्ण और इस्तेमाल में न लाई जाने वाली मस्जिद।

(ख) जी नहीं, मस्जिद के उत्तरी खण्ड की मेहराबों में से एक जिसने पेड़ का सहारा लिया हुआ था वृक्ष के टूट कर गिरने से गिर पड़ी। इस समय मकान में रहने वाले मेजर अनवर द्वारा वृक्ष को हटाने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने शिकायत की थी कि वृक्ष के कारण मकान में रोशनी नहीं आ रही।

(ग) जी नहीं।

(घ) केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा मस्जिद को गिराने का कार्य नहीं किया गया था। इसलिए इस तरह का प्रश्न ही नहीं उठता।

(घ) यह एक पुराना जीर्णशीर्ण भवन है अतः इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

सर मुहम्मद यामिन खानः जब वृक्ष को काटा गया तब यह सावधानी क्यों नहीं बरती गई कि जो मेहराब वृक्ष का सहारा लिए हुए थी उसको सुरक्षित स्थिति में रखा जाए?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे यह मानने का कोई कारण नजर नहीं आता कि ऐसी दुर्घटना के लिए उचित सावधानी नहीं बरती गई थी।

सर मुहम्मद यामिन खानः यहां तक कि लोक निर्माण विभाग के दक्ष अभियंता भी एक मेहराब को नहीं बचा सके और क्या मैं इसे उचित सावधानी समझूं कि वे एक मेहराब को नहीं बचा पाए?