136 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उचित सावधानी और ध्यान के बावजूद भी ऐसी दुर्घटना हो सकती है।
सर मुहम्मद यामिन खानः जब वह मस्जिद उस क्वार्टर में मौजूद थी जो सरकार के अधिकार में है तथा जो सरकार के क्वार्टर बनाने से पूर्व जनता के लिए
खुली हुई थी तो क्या सरकार का यह देखने का कर्तव्य नहीं है कि उसकी उचित प्रकार से मरम्मत की गई है और उसे सही अवस्था में रखा गया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः ऐसा मानने का कोई कारण नहीं है कि सरकारी क्वार्टर बनाये जाने के पहले अथवा बाद में वास्तव में इस मस्जिद का उपयोग किया गया।
मौलाना जफर अली खानः क्या सरकार हमें यह आश्वासन देगी कि मस्जिद के टूटे हुए हिस्से की आवश्यक मरम्मत के द्वारा उसका जीर्णोद्धार होगा?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह कहना बिल्कुल अनावश्यक है क्योंकि न तो इसे मस्जिद के रूप से इस्तेमाल किया गया और न ही यह एक संरक्षित स्मारक है।
सर मुहम्मद यामिन खानः क्या माननीय सदस्य इस मस्जिद को आम जनता के लिए खोलेंगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा कि मैंने कहा, अब यह मस्जिद के रूप में इस्तेमाल में नहीं है।
सर मुहम्मद यामिन खानः क्या मैं इसका कारण जान सकता हूं कि मस्जिद के रूप में इस्तेमाल में क्यों नहीं है?
अध्यक्ष महोदय (सर अब्दुर रहीम) ः माननीय सदस्य बहस कर रहे हैं।
सर मुहम्मद यामिन खानः मैं जानना चाहता हूँ कि इसे जनता के लिए खोले जाने के लिए सरकार क्या करने जा रही है जिससे कि इसका मस्जिद के रूप में इस्तेमाल किया जा सके?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसका इस्तेमाल मस्जिद के रूप में कभी नहीं किया गया।
मौलाना जफर अली खानः यदि मैं अपने खर्च पर इसकी मरम्मत करवाता हूँ तो क्या सरकार को कोई आपत्ति है?