138 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
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* भारतीय युद्ध आहत योजना के तहत महिलाओं और
पुरुषों के लिए भत्ते की दरें बराबर करना
47. श्री एन.एम. जोशीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य का इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है कि ग्रेट ब्रिटेन में युद्ध आहत योजनाओं के तहत महिलाओं और पुरुषों को दिए जाने वाले भत्तों की दरों के बीच अंतर को कुछ समय पहले समाप्त कर दिया गया है जिससे महिलाएं और पुरुष समान दरों पर भत्ते प्राप्त कर रहे हैं_ और
(ख) यदि उत्तर ‘हां’ में है, तो क्या भारतीय सरकार भारतीय युद्ध आहत योजनाओं में ऐसा ही परिवर्तन करेगी तथा महिलाओं और पुरुषों को दिए जाने वाले भत्तों की दरों को समान स्तर पर लाएगी?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जब इस प्रश्न की सूचना मिली तो मैंने ग्रेट ब्रिटेन में स्थिति का पता लगा लिया है। यह सच्चाई है कि ग्रेट ब्रिटेन में महिलाओं और पुरुषों के लिए राहत की दरों के मध्य अंतर को समाप्त कर दिया गया है।
(ख) प्रश्न पर विचार किया जाएगा।
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@ श्रमिकों से न्यायोचित व्यवहार की शर्त का
सरकारी संविदाओं में शामिल किया जाना
48. श्री एन.एम. जोशीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या श्रमिकों से न्यायोचित व्यवहार करने संबंधी शर्त को सरकारी संविदाओं में शामिल किए जाने की आवश्यकता पर किसी त्रिपक्षीय श्रमिक सभा में चर्चा की गई थी?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हाँ, यह चर्चा स्थायी श्रमिक समिति की तीसरी बैठक में की गई थी। वास्तव में सरकारी संविदाओं में श्रमिकों को उचित
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 4, 8 नवम्बर, 1943, पृष्ठ 30 @ वही, 9 नवम्बर, 1943, पृष्ठ 68