117 मजदूरी भुगतान अधिनियम के कार्यकरण में कुछ अनियमितताएं - Page 157

142 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

का क्या कार्यवाही करने का विचार है_ यदि कोई कार्यवाही नहीं करने का विचार है, तो क्यों_

(ख) क्या माननीय सदस्य कृपया मजदूरी भुगतान अधिनियम के उस विशेष प्रावधान, अथवा उसके अधीन बनाए गए नियमों का उल्लेख करेंगे जिसके अन्तर्गत अधिनियम की धारा 15 के अधीन स्थापित प्राधिकारियों के स्थान पर रेलवे प्रशासन को अनियमितताओं की सूचना देने के कार्य को मंजूरी दी गई है_ और

(ग) यदि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तो श्रम निरीक्षकों द्वारा मजदूरी भुगतान अधिनियम की धारा 15(3) के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) वर्ष 1939-40 तथा 1940-41 के दौरान पाई गई अनियमितताओं की संख्या क्रमशः 3,012 तथा 4158 थीं। हाल ही में रेलवे प्रशासनों को इन अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाने के निदेश दिए गए हैं। यदि अनियमितताएं लगातार बढ़ती हैं तो अधिनियम की धारा 15 के तहत औपचारिक आवेदन करने के प्रश्न पर विचार किया जाएगा। जब व्यक्तिगत मामलों को संतोषपूर्ण ढंग से निपटाया जा सकता है तो सरकार उस धारा के प्रावधानों के औपचारिक रूप से कार्यवाही करने को आवश्यक नहीं समझती।

(ख) मजदूरी भुगतान अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

(ग) धारा 15 (3) के प्रावधान आदेशात्मक नहीं है और अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो निरीक्षक को रेलवे प्रशासन को सूचना देने तथा शांतिपूर्ण ढंग से दावों को निपटाने से रोक सके।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या इन निरीक्षकों को सिफारिशें करने का पर्याप्त अधिकार है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जी हाँ।

श्री एन.एम. जोशीः क्या मैं पूछ सकता हूँ कि ये अनियमितताएं कम्पनी द्वारा संचालित रेलवे अथवा राज्य द्वारा संचालित रेलवे में भी पाई जाती है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उस प्रश्न के लिए मुझे नोटिस चाहिए।