विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 147
(i) कि यह क्षेत्र अब छोटी गलियों और लेनों वाले शहर के भाग की तरह दिखने
लगा है तथा
(ii) केन्द्रीय लोग निर्माण विभाग के वर्तमान अघिकारियों ने नई दिल्ली के नक्शे
के मूल विचार को पूरी तरह से नकार दिया है और उक्त क्षेत्र को बहुत
भीड़भाड़ वाला बना दिया हैं_
(ग) क्या यह सच है कि ई-टाइप के और पारम्परिक क्वार्टरों का निर्माण करने का प्रस्ताव है_ और
(घ) क्या सरकार ‘‘क्लर्कों के आवासीय क्षेत्रों’’ के नए क्वार्टरों को इस ढंग से बनाने की सलाह पर विचार करने को तैयार है जिसमें वे वर्तमान से ज्यादा तंग न हो तथा क्या इन क्वार्टरों के नजदीक खुले स्थानों तथा पार्कों का प्रावधान रखा जाए?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ।
(ख) (i) तथा (ii) जी नहीं।
(ग) जी हाँ।
(घ) सरकार ने हमेशा इसी ढंग से कार्य किया है।
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* नई दिल्ली स्थित हेवलॉक तथा बेयरड स्क्वेयर में
कुछ रास्तों को बन्द करने की वांछनीयता @ 149 सरदार संत सिंहः (क) क्या माननीय श्रम-सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि नई दिल्ली के डी.आई. जेड क्षेत्र में डी. टाइप के पारम्परिक क्लर्कों के क्वार्टरों के सभी स्क्वेयरों के चारों कोने रास्ते के रूप में खुले थे_
(ख) क्या यह सच है कि बाद में इन रास्तों को बन्द कर दिया गया_
(ग) क्या उन स्क्वेयरों में क्वार्टरों के सामने पार्कों को बचाने का एक कारण था_
(घ) क्या सरकार इस बात से अवगत हैµ
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 4, 13 नवम्बर, 1943, पृष्ठ 244-45 @ प्रश्नकार्ता के अनुपस्थित होने के कारण इस प्रश्न का उत्तर सभा-पटल पर रखा गया।