124 नई दिल्ली स्थित पारम्परिक क्वार्टरों में अधिक मात्र में सब्जियाँ उगाना - Page 163

148 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(i) कि हेवलॉक तथा बेयरड स्क्वेयरों में बी और सी-टाइप के क्वार्टरों में किनारे

के क्वार्टरों को छोड़कर प्रत्येक दो क्वार्टरों के बाद रास्तथा था_ तथा

(ii) कि कुली और मजदूर इन रास्तों पर नियमित रूप से प्रयोग करते हैं तथा

पार्कों के विभिन्न स्थानों से पार करते हैं जिसके परिणामस्वरूप इन दो

स्क्वेयरों में पार्क पॉव के निशान पड़ने से बनी पंगडडियों के कारण विकृत

हो गए हैं_

(घ) क्या सरकार उन रास्तों को बन्द किए जाने तथा इन पंगडंडियों पर पुनः घास लगाने को तैयार है_ और यदि नहीं, तो क्यों?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) तथा (ख) जी हाँ।

(ग) जी हाँ।

(घ) जी हाँ।

(घ) सरकार सुझाव पर विचार करेगी।

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* नई दिल्ली स्थित पारम्परिक क्वार्टरों में

अधिक मात्रा में सब्जियाँ उगाना

150. सरदार संत सिंहः (क) अधिक खाद्यान्न तथा सब्जियां उगाने की सरकार की सामान्य अपील के संदर्भ में क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि नई दिल्ली में पारम्परिक टाइप के क्वार्टरों में रहने वाले सरकारी कर्मचारी अधिक मात्रा में सब्जियां उगा सकते हैं_

(ख) क्या यह सच है कि विशेषतया डी-टाइप तथा ई, सी और बी. टाईप के पारम्परिक क्वार्टरों के आंगन सामान्यतया आकार में बहुत छोटे हैं तथा इनको सब्जियाँ आदि की अधिक मात्राओं की पैदावार करने में प्रयोग नहीं किया जा सकता_

(ग) क्या सरकार अपने पारम्परिक क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को उनके क्वार्टरों के बाहर सब्जियां आदि उगाने के उद्देश्य से कुछ अतिरिक्त भूमि आवंटित करने तथा उसके चारों और बाड़ आदि लगाने को तैयार है और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 4, 13 नवम्बर, 1943, पृष्ठ 245 @ प्रश्नकार्ता के अनुपस्थित होने के कारण इस प्रश्न का उत्तर सभा-पटल पर रखा गया।