126 सिविल पायनियर फोर्स में कमीशन अधिकारियों की सेवाओं को युद्ध सेवाएं मानाना - Page 165

150 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ग) प्रथम कमीशन पर इन श्रेणियों में दो कमांडेंट तथा दो कैप्टनों की नियुक्ति की गई थी। सात सैकेंड लेफिटनेंटों की लेफिटनेंट के पदों पर पदोन्नति की गई है।

(घ) जी नहीं।

(घ) श्रेणियों में रिक्तयां उपलब्ध होने पर उच्चतर श्रेणी में पदोन्नति की जा सकती है। केन्द्रीय सरकार के प्राधिकार के अधीन, पदोन्नति करने का अधिकार प्रांतीय सरकार को सौंपा गया है। अन्याय को रोकने के अतिरिक्त, इस विषय में, विशेषकर उच्चतर पदों के संबंध में प्रांतीय सरकार के विवेक में हस्तक्षेप करना वांछनीय नहीं है। पदोन्नति दो बातों, अर्थात् (1) दक्षता और (2) वरिष्ठता के आधार पर नियत की जाती है। चूंकि यूनिट की दक्षता उसके अधिकारियों की दक्षता पर निर्भर होनी चाहिए, पदोन्नति का आधार दक्षता होना चाहिए। परन्तु उस मामले में जहां दक्षता समान है, पदोन्नतियां करने में सेना में सेवा की वरिष्ठता को भी ध्यान में रखा जाता है।

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सिविल पायनियर फोर्स में कमीशन अधिकारियों की

सेवाओं को युद्ध सेवाएं मानाना

30. श्री प्यारे लाल कुरीलः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या सिविल पायनियर फोर्स में कमीशन अधिकारियों की सेवाएं युद्ध सेवाएं मानी जाएगी, यदि नहीं, तो क्यों_ तथा

(ख) यदि उक्त (क) का उत्तर नकारात्मक है तो क्या सरकार का विचार अपने निर्णय में संशोधन करने का है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ।

(ख) प्रश्न ही नहीं उठता।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 4, 13 अगस्त, 1943, पृष्ठ 249