136 भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली और कलकत्ता के प्रबंधकों की नियुक्ति - Page 178

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 163

(च) क्या माननीय सदस्य का यह प्रस्ताव है कि इस बारे में जांच की जाए कि क्या इन नियमों का पालन सभी मामलों में कठोरता से उन अधिकारियों द्वारा किया जाता है_ और

(छ) भारत सरकार मुद्रणालयों के प्राधिकारियों द्वारा इन मामलों में मनमाने और अन्यायपूर्ण कार्यों के बारे में प्रायः अधिक संख्या में की जाने वाली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए क्या माननीय सदस्य ऊपर बताए गए (घ) में वर्णित शक्तियों के साथ स्वतंत्र समिति के गठन की सलाह पर विचार करेंगे।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) नहीं।

(ख) नहीं।

(ग) जी हाँ। यह ऐसे अनुभागीय अदल-बदल के सामान्य दौर में किया गया जो प्रति तीन महीने के बाद कार्यान्वित किया जाता है ताकि प्रत्येक कार्यकर्ता को सरल और कठिन कार्य दिया जा सके। तीन गैर-मुस्लिम पीस कम्पोजीटर अन्य मुसलमानों के साथ स्थानांतरित किए गए और दो मुस्लिम पीस कम्पोजीटरों को लाइनो सेक्शन में लाया गया।

(घ) जी हाँ। प्रूफ संशोधक का पद चयन पद होने के कारण उपलब्ध सबसे योग्य व्यक्ति को चुना गया।

(घ) भारत सरकार मुद्रणालयों के प्रबंधकों को यह अधिकार है कि वे विभागीय हैंड बुक में दिए गए नियमों के अनुसार कतिपय पदों के वर्गों में व्यक्तियों की नियुक्ति करें और उनकी पदोन्नति करें। वे किसी भी पद को चयन पद घोषित नहीं कर सकते।

(च) और (छ) ऊपर बताई विशिष्ट अनियमितताएं अभी तक नहीं हुई हैं। इसलिए प्रस्तावित कार्रवाई की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।

श्री एच.ए. साथर एच. इसहाक सैतः इस प्रश्न के भाग (घ) के संदर्भ में मेरे माननीय मित्र ने यह स्वीकार किया कि मुसलमानों के दावों की अवहेलना कुछ कारण् ावश की गई थी। क्या श्रम सदस्य इस बात से अवगत हैं कि जिन मुस्लिम कार्यकर्ताओं के दावों की अवहेलना की गई उन्होंने 22 वर्ष कार्य किया था?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः माननीय सदस्य ने जो कुछ कहा है मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ यद्यपि इस बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।

श्री एच.ए. साथर एच. इसहाक सैतः इसके बाद उन्होंने कहा कि (क) और