विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 173
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ, श्री डी.जी. जादव इस समय इस पद पर आसीन हैं। श्री जादव अपनी मौजूदा नियुक्ति से पूर्व बम्बई विधान सभा के निर्वाचित सदस्य थे। पिछड़े वर्ग के बोर्ड, बम्बई के निर्वाचित सदस्य के अलावा उन्होंने कई चयन समितियों, विकास, बोर्ड, सलाहकार समितियों में काम किया और वह पूर्व खानदेश के जिले में सहकारी समितियों के मध्यस्थ रहे। उन्होंने बी.ए., एल.एल.बी. की उपाधियां प्राप्त कर ली हैं। वह 1934 में बी.ए. हो गए थे और उन्होंने 1940 में एल.एल.बी. की डिग्री प्राप्त कर ली थी। वह इससे पूर्व सरकारी अथवा रेलवे सेवा में नहीं थे।
(ख) माननीय सदस्य संभवतः श्री अब्दुल हमीद पुरी का उल्लेख कर रहे हैं। उन्हें प्रधान लिपिक की नियुक्ति की अवधि पूरी हो जाने के बाद निरीक्षक के स्थायी पद पर बहाल कर दिया गया।
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* समझौता अधिकारी (रेलवे) और पर्यवेक्षक (रेलवे मजदूर)
10. श्री मोहम्मद हुसैन चौधरीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि समझौता अधिकारी (रेलवे) और पर्यवेक्षक (रेलवे मजदूर) के पदों पर इन पदों के सृजन के समय से कौन-कौन व्यक्ति काम कर रहे हैं_ और
(ख) क्या माननीय श्रम सदस्य यह वांछनीय समझते हैं कि इस पद को आई.सी. एस. अधिकारी के समान माना जाए अथवा अन्यथा अनुभवी अधिकारी को समझौता अधिकारी (रेलवे) और पर्यवेक्षक (रेलवे मजदूर) माना जाए?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) समझौता अधिकारी (रेलवे) और पर्यवेक्षक (रेलवे मजदूर) के संयुक्त पद पर श्री खलीली, आई.सी.एस. काम कर रहे थे और उनकी नियुक्ति श्री जादव से पूर्व की गई थी।
(ख) मैं यह आवश्यक नहीं समझता कि यह पद केवल आई.सी.एस. अधिकारी द्वारा भरा जाए अथवा इस पद पर ऐसे अन्य व्यक्ति को लगाया जाए जो सरकारी अधिकारी के रूप में अनुभव रखते हैं।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 7 फरवरी, 1944, पृष्ठ 26-27