4 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः बहुत थोड़ी-सी हड़तालें हुईं।
श्री मुहम्मद नौमैनः क्या माननीय सदस्य, टाटा आयरन तथा स्टील कम्पनी के कर्मचारियों के वेतन के विषय में कोई संकेत दे सकते हैं? क्या उनकी विशिष्ट मांगों को सरकार के पास भेजा गया था?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस संबंध में कोई सूचना देना जनहित में नहीं है।
श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय सदस्य यह जानते हैं कि यह समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः ऐसा हो सकता है। सरकार इस संबंध में कोई उत्तरदायित्व नहीं लेगी।
श्री के.सी. नियोगीः यह रिपोर्ट एक प्राधिकृत एजेंसी, एसोसिएटेड प्रेस से है। यह कहा जाता है कि उन्होंने काम को भारत में राष्ट्रीय सरकार के मामले के कारण बंद किया।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे मालूम नहीं कि माननीय सदस्य का यह कहने का क्या अभिप्राय है कि एसोसिएटेड प्रेस एक प्राधिकृत एजेंसी है।
श्री के.सी. नियोगीः मुझे खेद है कि माननीय सदस्य सरकारी विज्ञप्तियां नहीं पढ़ते।
सरदार संत सिंहः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या यह सच है कि ये सब हड़तालें महात्मा गांधी तथा उनके साथियों की गिरफतारी के बाद हुई?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं निश्चित सूचना नहीं दे सकता, परन्तु मैं यह समझता हूं कि ये हड़तालें अचानक नहीं हुई।
पं. लक्ष्मीकांत मैत्राः क्या माननीय सदस्य वे तारीखें बताने की कृपा करेंगे जिनको हड़तालें आरंभ हुई? हम उनसे काम चला सकते हैं।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः कहां? किस स्थान पर?
पं. लक्ष्मीकांत मैत्राः टाटा में।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा मैंने कहा, मैं कोई सूचना देने के लिए तैयार नहीं हूँ, क्योंकि कोई सूचना देना जनहित में नहीं है।
पं. लक्ष्मीकांत मैत्राः मैं हड़ताल के लिए कारण या कोई ऐसी जानकारी नहीं चाहता। मैं उन तारीखों को जानना चाहता हूँ जिन पर हड़तालें घोषित की गई थी।