विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 179
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः प्रत्येक ऐसी बात की ओर ध्यान नहीं दिया जाता जो समाचार पत्रों में प्रकाशित होती है।
श्री के.सी. नियोगीः परन्तु महानुभाव एक उत्तरदायी प्रतिष्ठा रखते हैं।
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः मैं यह चाहूंगा कि माननीय सदस्य उसकी एक प्रति मेरे पास भिजवा दें। मैंने अभी तक वह टिप्पणी नहीं देखी है।
श्री के.सी. नियोगीः यह खेद की बात है। क्या मैं यह जान सकता हूँ कि वर्तमान कोयला आंदोलन में वह यह देखेंगे, जहां तक संभव है और जिस अनुपात में संभव है कि निम्न स्तर का कोयला इस प्रयोजन के लिए उपयोग किया जाता है।
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः मैंने पहले ही कहा है कि सरकार ने इस दिशा में पहले ही साधन अपनाए हैं।
श्री के.सी. नियोगीः मैं वर्तमान कोयला आंदोलन के संबंध में माननीय सदस्य का आश्वासन चाहता था।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः निश्चय ही ऐसा होगा।
श्री हुसीनभाई ए. लाला जीः क्या मैं यह पूछ सकता हूँ कितने विशेषज्ञ काम पर लगाए गए।?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इस प्रश्न के लिए नोटिस चाहिए।
153
* कोयले की स्थिति
82. सर एफ.ई. जेम्सः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) भारत में कोयला-उत्पादन की उद्यतन स्थिति क्या है और क्या 1 दिसंबर, 1943 से उत्पादन में कोई वृद्धि या कमी हुई। है, और यदि हाँ तो इसकी मात्रा क्या है_
(ख) क्या श्रम सदस्य इस बात से अवगत हैं कि अनेक कोयले की खानों में बिल्कुल काम नहीं होता अथवा वे अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पाती_ * विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1944, 10 फरवरी, 1944, पृष्ठ 205-7