153 कोयले की स्थिति - Page 195

180 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ग) मजदूरी की व्यवस्था, खाद्यान्न, यंत्रीकरण और कराधान समायोजन के विशेष संदर्भ में क्या कार्रवाई की गई है_

(घ) (i) कोयला-खानों के उन अडि़यल मालिकों से निपटने के लिए जो

जानबूझ कर यथासंभव अधिकतम कोयला-उत्पादन से बचते हैं_

और

(ii) कोयला का दक्षतापूर्ण ढंग से वितरण सुनिश्चित करने तथा कोयले

को काले बाजार में जाने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे

हैं_ और

(घ) क्या रेलवे की कोयला-खानें अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं_ और यदि नहीं तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः (क) कोयला-उत्पादन में अभी हाल ही में कुछ सुधार हुआ है। दिसम्बर 1943 में कोयला उत्पादन में नवम्बर की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई। जनवरी के आंकड़े अभी तक प्राप्त नहीं हुए है_ परन्तु यह विश्वास किया जाता है कि अभी अधिक वृद्धि हो गई है।

(ख) सरकार अभी तक ऐसी खानों से अवगत नहीं है जहां सुरक्षा और मितव्ययता से काम किया गया है और कुछ ऐसी खानों से अवगत नहीं है जो बन्द कर दी गई हैं अनेक खानों में अपनी पूरी क्षमता के अनुसार कार्य नहीं हो सका क्योंकि मजदूरों अथवा मशीनरी की कमी रही अथवा गत मानसून में उनमें पानी भर गया।

(ग) (i) 10,000 व्यक्तियों तक सरकारी मजदूरों का बल बंगाल और बिहार के कोयला क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि वे मजदूर कोयला खोदने और कोयले को उठाने का कार्य कर सकें। यह आशा की जाती है कि वे कुछ अनुभव प्राप्त करके भूमिगत कार्य करने लगेंगे। प्रथम पारी में 1,000 व्यक्ति पहले ही आ चुके है। 1,000 व्यक्तियोंं के बल को कोयला ढोने के लिए अस्थायी तौर पर सेना ने उपलब्ध करा दिया है। सरकारी मजूदरों को रेलवे की कोयला-खानों के लिए उपलब्ध करा दिया गया है और हैदराबाद में िंसंगरेनी कोयला खानों के लिए सरकारी मजदूरों की व्यवस्था की गई है। इस बात के लिए भी कदम उठाए गए हैं कि खानों में कार्य करने वाले मजदूरों को कोयला-क्षेत्र के अन्य कार्यों पर न लगाया जाए।

(ii) खनन संघ (माइनिंग एसोसियेशन) इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वे अपने मजदूरों को खाद्यान्न 6 सेर प्रति रुपया उपलब्ध कराएं। भारत सरकार प्रांतीय सरकारों के साथ खानों में कार्य करने वाले कार्यकर्त्ताओं और उनके आश्रित लोगों को कुछ मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रबंध कर रही है। इसके अलावा, 1939 के स्तर से अधिक उनकी मजदूरी और मंहगाई भत्ता में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई