153 कोयले की स्थिति - Page 196

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 181

है। इसके अलावा, भारत सरकार सभी कोयले की खानों के मालिकों को इस प्रकार के प्रोत्साहन दे रही है कि वे उत्पादन बोनस दें जिसका आधार या तो उपस्थिति या उत्पादन हो और यह समझा जाता है कि अनेक कोयला खानों के मालिकों के पहले ही बोनस प्रारंभ कर दिए हैं।

(iii) इस बात का हर संभव प्रयत्न किया जा रहा है कि विदेश से मशीनरी मंगाई जाए। सरकार अधिक लाभ कर और ऐसी मशीनरी के कम लिए गए मूल्य पर 50 % वार्षिक दर से खरीदी जाने वाली कोयला काटने की मशीनरी पर आयकर की छूट देने की अनुमति के लिए तैयार है। इस व्यापार में लगे व्यापारियों से पूछा गया है कि क्या वे ऐसी शर्तें स्वीकार करेंगे और यदि ऐसा है तो वे उस मशीनरी के विवरण भेजें जिन्हें वे प्राप्त करना चाहते हैं। उनकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा की जा रही है।

(iv) उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए प्रस्ताव इस व्यापार में लगे व्यापारियों के साथ विचाराधीन हैं कि यह प्रोत्साहन अधिक लाभ कर से मुक्त करके उत्पादन में वृद्धि के लिए बोनस दिए जाएं।

(v) इस बात के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं कि पर्याप्त मात्रा में उपभोक्ता सामान, मानक कपड़ा और चिकित्सा भंडार की व्यवस्था की जाए।

(घ) (i) सरकार इस तथ्य से अवगत नहीं है कि कोई भी कोयला खान का मालिक जान-बूझ कर यथासंभव अधिकतम कोयला-उत्पादन से अपने को दूर रखे। फिर भी इस प्रकार की संभावना से बचाव के लिए एक योजना विचाराधीन है और कोयला-आयुक्त द्वारा इस व्यापार में लगे लोगों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है ताकि प्रत्येक कोयला खान के लिए कोयला-उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया जा सके। यह प्रस्ताव किया जाता है कि यदि कोई कोयला-खान का मालिक लक्ष्य के अनुसार कोयला उत्पादन का टन भार पैदा नहीं कर सकता तो कोयला-आयुक्त जब तक वह इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि इस कमी के लिए ठोस कारण हैं, कोयला-खान के मालिक को एक चेतावनी देगा कि यदि यह कमी बराबर बनी रही तो सरकार उसकी खानों पर अपना अधिकार कर लेगी और यदि परिस्थितियां ऐसी हों तो सरकार कोयला-खानों को सीधे ही अपने हाथ में ले लेगी।

(ii) परिषद् की युद्ध संसाधन समिति द्वारा स्वीकृत राशनिंग योजना के अनुसार युद्ध परिवहन विभाग के निदेश के अधीन कोयला वितरण के आयुक्त द्वारा कोयले का वितरण किया जाता है। कोयले के सभी प्रेषण लाइसेंसों के द्वारा किए जाते हैं तथा कोयला वितरण कार्यालय के नियंत्रण द्वारा जारी किए गए प्राथमिकता के प्रमाण् ापत्रों के द्वारा कोयले का प्रेषण किया जाता है। ये प्रेषण सामान्य राशनिंग अनुदेशों के अनुसार प्रत्येक उद्योग के लिए नियत कोटे पर आधारित होते हैं तथा विभिन्न