विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 183
सर मोहम्मद यामीन खांः क्या माननीय सदस्य इस बारे में पूछताछ करने की कृपा करेंगे और रेलवे बजट के आने से पूर्व इसी सत्र में सदन को सूचित कर सकेंगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं यह नहीं सोचता कि मैं ऐसी पूछताछ कर सकूंगा।
श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय सदस्य इस स्थिति में हैं कि वे सर मोहम्मद यामीन खां द्वारा पूछी गई सूचना दे सकेंगे जिसका संदर्भ स्वामित्व के हित में राष्ट्रीयता से न हो अपितु क्या सभी कोयला खानें अर्थात् बड़ी और छोटी कोयला खानें समुचित ढंग से कार्य कर रही हैं और क्या माननीय सदस्य की योजना छोटी कोयला खानों के लिए वैसी ही हैं जैसी कि बड़ी कोयला खानों के लिए हैं।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह योजना सभी कोयला-खानों पर लागू किए जाने के लिए हैं और मेरे मित्र के प्रश्न के प्रथम भाग के संबंध में मैं केवल यह कह सकता हूं कि मैं पूछताछ करने के लिए तैयार हूं जिससे अधिक कोयले के उत्पादन में सहायता मिलेगी। मैं नहीं चाहता कि कोयले की खानों के बारे में पूछताछ करूं।
श्री एन.एम. जोशीः क्या मैं यह पूछ सकता हूं कि जब कभी माननीय सदस्य यह वक्तव्य देते हैं कि कोयला-खानों के मजदूरों की मजदूरी में 50 % की वृद्धि कर दी गई है, उस समय उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कोयला-खानों के क्षेत्र में रहन-सहन की लागत युद्ध से पूर्व रहन-सहन की लागत की अनुसूची से तीन गुना हो गई है ताकि उस वक्तव्य के बारे में कोई गलतफ़हमी न उठे जैसा कि वे वक्तव्य देते हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरा विश्वास है कि यह मेरे लिए निदेश है और यह प्रश्न नहीं है।
नवाबज़ादा मोहम्मद लियाकत अली खांः क्या भारत से कोयले की किसी मात्रा का निर्यात किया गया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः नहीं, परन्तु श्रीलंका एक अपवाद है।
श्री एन.एम. जोशीः क्या यह सच है कि माननीय सदस्य ने यह बताया कि महिला खनन मजदूरों को भूमिगत स्थलों में कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाता। यदि माननीय सदस्य ने ऐसा वक्तव्य दिया है तो क्या मैं यह पूछ सकता हूं कि वे इस बात का समाधान किस प्रकार करते हैं कि उनके वक्तव्य का यह तथ्य है जो उन्होंने अभी बताया है कि भारत सरकार ऐसे कदम उठा रही है कि खनन