184 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
मजदूरों को अन्यत्र काम पर लगाए जाने से इन्कार कर दिया जाए?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इसमें कोई विरोध नहीं पाता।
सर मोहम्मद यामीन खांः कराधान समायोजन के बारे में प्रश्न के भाग (ग) के उत्तर में माननीय सदस्य ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कोयला-खानों के मालिकों की क्या मांगें थीं µ क्या वे ई.पी.टी. अदा करने के इच्छुक नहीं थे और क्या वे ई.पी. टी. अदा करने से छूट चाहते थे। वे किन आधारों पर ई.पी.टी. से छूट चाहते थे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उनका आधार यह था कि कोयला बर्बाद होने वाली सम्पत्ति है।
मौलवी मोहम्मद अब्दुल गनीः मैं यह जानना चाहूंगा कि श्रीलंका को कोयले की कितनी मात्रा निर्यात की गई?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इस प्रश्न के उत्तर के लिए नोटिस की आवश्यकता है।
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* रेलवे के मजदूरों से संबंधित कतिपय वार्षिक रिपोर्टों का प्रकाशन
43. श्री लालचंद नवलरायः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या निम्नलिखित रिपोर्टें जारी की गई हैं_ यदि नहीं तो क्यों और उनके कब जारी किए जाने की संभावना है?
(i) समझौता अधिकारी (रेलवे) और पर्यवेक्षक (रेलवे मजदूर), कलकत्ता द्वारा संदाय
मजदूरी 1936 का अधिनियम, IV के कार्यकरण की वार्षिक रिपोर्ट और
(ii) वर्ष 1941-42 के दौरान भारतीय रेलवे पर रोजगार के घंटों संबंधी विनियमों
के कार्यकरण की वार्षिक रिपोर्ट।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः प्रकाशित अंतिम रिपोर्टें वर्ष 1940-41 के लिए थीं। कागज की भारी कमी के कारण आगे रिपोर्टों का प्रकाशन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1944, 10 फरवरी, 1944, पृष्ठ 210