156 प्रान्तों में नागरिक अग्रणी बल (सिविल पायनियर फोर्स) में कमीशन प्राप्त अधिकारियों के रूप में पदोन्नत प्रशासकीय अधिकारी - Page 201

186 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

इनका संबंध 1942 और 1943 से है, सिविल पायनियर फोर्स, 1941 में नहीं बनाई गई थी।

(ख) नहीं, परन्तु यदि कोई अधिकारी सिविल पायनियर फोर्स में सेवा करता है, उसका यह दायित्व होता है कि वह फोर्स में उस समय तक सेवा करेगा जब तक उसकी आवश्यकता है- देखिए सिविल पायनियर फोर्स आर्डीनेंस, सेक्शन 9। इस समय किसी भी अधिकारी को नहीं छोड़ा जा सकता।

(घ) 1 मार्च, 1943 से पूर्व प्रशासकीय अधिकारियों को निःशुल्क राशन की अनुमति नहीं थी, उसके बाद उन्हें रियायत दी गई है जैसी कि सिविल पायनियर को दी जाती है अर्थात् 15 रुपये प्रतिमास प्रति व्यक्ति। हाल ही में खाद्य पदार्थों के मूल्यों में घटा-बढ़ी के कारण इस दर को बनाए रखना संभव नहीं हो सका है। इसलिए प्रांतीय सरकार को यह प्राधिकार है कि स्वीकृत दर पर राशन खरीदा जाए जो बाजार के मूल्य की दर से अधिक दर पर न हो किन्तु शर्त यह है कि प्रांतीय प्राधिकारी स्वयं खरीद करें।

विवरण

भाग (क)

सेण्ट्रल प्राविन्सेज़ और बरार 1942 1943 5

उड़ीसा 1942

मद्रास 1942

बम्बई शून्य -

पंजाब 1942 -

1943 3

संयुक्त प्रांत 1942 -

1943 1

बिहार 1942 -

1943 2

बंगाल 1942 3

1943 11

उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत 1942 1

1943 2

योग 31