158 कोयला खानों में महिला मजदूरों को काम पर रखा जाना - Page 207

192 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

श्री लालचन्द नवलरायः इस प्रश्न के भाग (ख) के संदर्भ में क्या मैं यह जान कसता हूँ कि क्या यह सच है कि महिलाओं के श्रम को लोक-दबाव के कारण रोक दिया गया था?

मानीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं उस प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकता क्योंकि मैं उसे नहीं जानता।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या मैं जान सकता हूँ कि महिला मजदूरों पर प्रतिबंध उठाने से पूर्व जनता से परामर्श लिया गया था अथवा सरकार ने अपनी इच्छा से उस प्रतिबंध को हटाया था?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः सरकार ने संबंधित लोगों से परामर्श किया था।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या उन्होंने इसके लिए आपत्ति की थी?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः कोई आपत्ति नहीं की गई।

श्री एन.एम. जोशीः इस प्रश्न के भाग (ग) के संदर्भ में क्या माननीय सदस्य यह कहेंगे कि उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं है कि महिलाओं को उतनी ही मजदूरी मिलती है जितनी पुरुषों को मिलती है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः प्रश्न का मुद्दा यह था कि क्या सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने प्रश्न का उत्तर देने में टालमटोल की। मैंने कहा था कि मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं है। महिलाओं को उतनी ही मजदूरी दी जाती है जितनी पुरुषों को दी जाती है।

श्री एन.एम. जोशीः जहां तक समान मजदूरी के भुगतान का संबंध है, क्या माननीय सदस्य इस बात से अवगत हैं कि उन पुरुषों और महिलाओं के लिए दोनों के संयुक्त कार्य के आधार पर मजदूरी निर्धारित की जाती है जो भूमिगत स्थलों में कार्य करते हैं? ऐसी स्थिति में श्रम सदस्य यह कैसे कह सकते हैं कि पुरुषों और महिलाओं को समान मजदूरी दी जाती है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि इसे सरकार के ध्यान में लाया जाता है कि ऐसे तरीके अपनाए जाते हैं जिससे इस नियम की अवहेलना होती है तो सरकार इस मामले में निश्चय ही कार्रवाई करेगी।

श्री एन.एम. जोशीः क्या माननीय सदस्य इस बात की पूछताछ करेंगे कि क्या कोई ऐसा उचित तरीका है जिसके द्वारा वे यह पता लगा सकते हैं कि क्या कोयले