159 युद्ध के तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने के केन्द्र - Page 208

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 193

की खानों में कार्य करने वाले पुरुषों और महिलाओं को समान मजदूरी दी जाती है? मेरी अपनी सूचना यह है कि पुरुषों और महिलाओं को संयुक्त कार्य के लिए मजदूरी दी जाती है और इसलिए यह पता लगाना असंभव है कि मजदूरी समान होती है क्योंकि दोनों को संयुक्त रूप से मजदूरी मिलती है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इस विचार के सोचने में असमर्थ हूँ। मैं माननीय सदस्य को यह आश्वासन दे सकता हूँ कि सरकार ऐसे निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए विचार कर रही है कि वे कल्याण के साधन अपनाए जाएं जिनकी घोषणा सरकार द्वारा की गई है।

श्री एन.एम. जोशीः इस तथ्य के विचार की दृष्टि से यह कहा जा सकता है कि भारत और ग्रेट ब्रिटेन दोनों में ही भूमिगत स्थलों में महिलाओं के कार्य करने के बारे में प्रश्न पर विचार किया जा रहा है। क्या माननीय सदस्य किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट प्रकाशित कराएंगे कि इस समय भूमिगत स्थलों में कार्य करने वाली महिलाओं की क्या दशा है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इस सुझाव पर विचार करना चाहूंगा।

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* युद्ध के तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने के केन्द्र

120. सैयद गुलाम भिक नैरंगः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य सदन के पटल पर वह विवरण रखेंगे जिसमें युद्ध के तकनीशियनों के प्रशिक्षण के केन्द्रों के नामों का उल्लेख हो और प्रत्येक केन्द्र में अनुमति प्राप्त प्रशिक्षार्थियों की संख्या क्या है_

(ख) (i) सरकारी संस्थाओं, (ii) रेलवे कर्मशालाओं_ और (iii) निजी संस्थाओं के संबंध में कितने केन्द्र खोले गए हैं_

(ग) इनमें से कितनी संस्थाएं हिन्दुओं की हैं और कितनी संस्थाएं मुसलमानों की हैं_ और

(घ) इन वर्गों में से प्रत्येक वर्ग के लिए स्वीकृत प्रशिक्षार्थियों की संख्या क्या है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) एक विवरण [@] सभा पटल पर रख दिया गया है।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1944, 16 फरवरी, 1944, पृष्ठ 290-91 @ विवरण छोड़ दिया गया है - संपादक