164 कोयला-उत्पादन में वृद्धि करने के उपाय - Page 212

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 197

एफ.ई. जेम्स के प्रश्न के उत्तर में दिया गया था। इस उत्तर में ये सभी प्रमुख उपाय बताए गए हैं जिन्हें सरकार ने कोयले के उत्पादन की वृद्धि के लिए अपनाया है।

(ख) नहीं, खनन एक खतरनाक व्यवसाय है परन्तु आवश्यक रूप से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं है।

(ग) नहीं। कोयला खानों में काम करने वालों को रियायती दरों पर भोजन दिया जाता है और सरकार कोयला क्षेत्रों में उपभोक्ता सामान की सप्लाई में वृद्धि के लिए कदम उठा रही है। यह प्रस्ताव है कि कोयला खानों में काम करने वालों के लिए नवीन कोयला खानों के मजदूरों के कल्याण निधि अध्यादेश के अधीन कानून द्वारा सुविधाएं दी जाएं।

(घ) झीरिया और रानीगंज कोयला क्षेत्र के आवास क्षेत्र में झीरिया और असनसोल

खान बोर्ड ऑफ हैल्थ द्वारा दिए गए विनिर्देशों के अनुसार पक्की इमारतें बनाई गई है। अन्य कोयला क्षेत्रों में कोयला खान के मालिकों के विवेक के अनुसार मजदूरों के रहने के लिए आवास का प्रबंध किया जाता है जो प्रायः बहुत छोटे होते हैं। फिर भी सरकार कोयला क्षेत्र में आवास तथा स्वच्छता के वर्तमान प्रबंधों से संतुष्ट नहीं है और इनके सुधार की योजनाएं कोयला खान के मजदूरों की कल्याण निधि अध्यादेश के अधीन बनाई जा रही हैं।

(घ) चिकित्सा सहायता और शैक्षिक सुविधाएं जो इस समय उपलब्ध हैं, बहुत संतोषजनक नहीं है। कोयला खान मजदूर कल्याण निधि अध्यादेश के अधीन इन सुविधाओं के सुधार की योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

श्री एन.एम. जोशीः क्या भारत सरकार आवास और अन्य दशाओं के संबंध में कोयला खानों की दशाओं पर विधानमंडल को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी तथा सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बारे में भी बताएगी और क्या यह रिपोर्ट सभा-पटल पर रखी जाएगी?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जहां तक मैं समझता हूँ, ऐसी कोई बात नहीं है जिसकी रिपोर्ट की जाए। हमने अभी कार्य प्रारंभ किया है और यदि कुछ समय बाद यह अध्यादेश लागू किया जाता है, और मेरे माननीय मित्र उस पर रिपोर्ट चाहते हैं तो मैं इस मामले पर विचार करने के लिए बिल्कुल तैयार हूँ।

श्री एन.एम. जोशीः सदन इस बारे में अधिक रुचि रखता है तथा उसकी दशा के बारे में सूचना प्राप्त करना चाहेगा तथा यह भी जानना चाहेगा कि क्या सुधार किए गए हैं। इसलिए क्या सदन को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इसका उत्तर पहले ही दे चुका हूँ।