विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 199
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) यह विषय श्रम विभाग के अन्तर्गत आता है। श्रम विभाग भारत सरकार के विभागों में से एक है_ भारत शासन अधि नियम, 1935 की सातवीं अनुसूची की सूची III के भाग II में सहवर्ती विषयों की सूची में सामान्य विषयों में यह विषय जोड़ा गया है।
(ख) अखिल भारतीय अनुसूची जाति सुझाव पर संघ से कोई भी औपचारिक पत्र नहीं मिला है।
(ग) भारत सरकार ने अभी तक इस प्रश्न पर विचार नहीं किया है।
(घ) समय रहते विचार कर लिया जाएगा।
श्री गोविन्द वी. देशमुखः क्या माननीय सदस्य इस तथ्य से अवगत हैं कि सेंट्रल प्राविन्सेज़ और बरार में यह बेगार की पद्धति का उन्मूलन कर दिया गया है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है?
श्री के.सी. नियोगीः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या यह तथ्य नहीं है कि महामहिम सम्राट के प्रतिनिधि और उनके एजेण्ट प्रदेशों के प्रशासन को यह कह रहे थे कि बलात श्रम को समाप्त कर देना चाहिए और इसको समाप्त करने के देश के कुछ भागों में अधिक लाभदायक परिणाम निकले हैं?
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः मुझे यह सूचना पाकर प्रसन्नता है।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि माननीय सदस्य इस तथ्य से अवगत है कि संयुक्त प्रांत में जिन्हें किसान कहा जाता है, उनमें से 35 प्रतिशत ग्रामीण मजदूर हैं और उन्हें ऊंची कीमतों का कोई लाभ नहीं मिलता। किसानों को किस्म में भी कोई लाभ नहीं मिलता। उन्हें राशि में भुगतान किया जाता है और वे बहुत कठिन पाते हैं...............
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः प्रश्न क्या है?
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः प्रश्न यह है कि क्या माननीय सदस्य इस तथ्य से अवगत हैं कि किसान...........
सभापति महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः माननीय सदस्य ने लम्बा भाषण दिया है।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या माननीय सदस्य इस तथ्य से अवगत हैं और सरकार क्या कार्रवाई करने का प्रस्ताव करती है। यह प्रश्न है।
(कोई उत्तर नहीं)