171 भारत सरकार मुद्रणालयों में योग्यता प्राप्त कॉपी होल्डरों और पुनरीक्षकों की रीडर के स्थान पर पदोन्नति - Page 219

204 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ज) नहीं, सरकार ऐसा आवास उपलब्ध कराती है जो नियमों में दी गई रियायती दरों के अनुसार होता है और वह अधिकारियों की अलग-अलग परिस्थितियों के उपयुक्त अलग-अलग नहीं हो सकता।

सरदार संत सिंहः क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या यह नियम का एक भाग है कि परंपरागत क्वार्टरों के अहातों में पानी उपलब्ध कराया जाए और गैर-परंपरागत क्वार्टरों में केवल क्वार्टर में ही पानी उपलब्ध कराया जाए?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः ऐसा ही होना चाहिए।

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* भारत सरकार मुद्रणालयों में योग्यता प्राप्त कॉपी होल्डरों और

पुनरीक्षकों की रीडर के स्थान पर पदोन्नति

501. श्री मोहम्मद हुसैन चौधरीः (क) 25 फरवरी, 1944 को काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मी द्वारा पूछे गए उस तारांकित प्रश्न संख्या 231 के भाग (घ) के उत्तर के संदर्भ में माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे जिसका संबंध भारत सरकार मुद्रणालय के कॉपीहोल्डरों और पुनरीक्षकों के रीडर के स्थान पर पदोन्नति से है, कि क्या यह ‘असमानता’ इस तथ्य के कारण है कि पूर्व तारीखों में उत्तीर्ण विभागीय कर्मचारियों को किसी प्रकार की कोई वरीयता उन कर्मचारियों की तुलना में नहीं मिलती जो बाद की परीक्षाओं में दूसरे अवसर पर उत्तीर्ण होते हैं_

(ख) क्या वह इस बात से अवगत हैं कि जो कर्मचारी पहले परीक्षा उत्तीर्ण कर लेते हैं, वे रीडर के पदों के लिए योग्यता, दक्षता और अनुभव के क्रम में विशेष रूप से उच्च स्थान पर होते हैं_

(ग) क्या यह सच है कि मौजूदा असमानता और कठिनाई जो मौजूदा नियम के लागू होने से पूर्व थीं, उन्हें तब तक दूर नहीं किया जा सकता जब तक उत्तीर्ण होने की तारीख रीडर के पदों के लिए उम्मीदवारों की स्थिति के निर्धारण के लिए कसौटी स्वीकार नहीं की जाती_ और

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1944, 17 मार्च, 1944, पृष्ठ 1224-25